ऋषिकेश,14अगस्त (AKA)। जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में वर्षों से धार्मिक गतिविधि चला रहे मधुबन आश्रम के संचालकों के विरुद्ध कृतियों द्वारा अमानत में खयानत व धोखाधड़ी के जाने का मुकदमा दर्ज किये  जाने के बाद आश्रम के संचालकों में खलबली मच गई है। मुनी की रेती थाना प्रभारी आरके सकलानी के अनुसार बुधवार को इस्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट के ट्रस्टी  आर के माहेश्वरी, डॉ रवि खान्तहार, हेमंत ठाकुर व  रविंद्र मल्ल्या  द्वारा थाना मुनि की रेती मे  दी गई तहरीर  मे कहा गया कि कैलाश गेट स्थित मधुबन आश्रम एस्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट की पंजीकृत संपत्ति है ।इस संपत्ति का रखरखाव ट्रस्ट के न्यासी बोर्ड के अधिकार के अधीन है। न्यासी बोर्ड द्वारा 1989 नियुक्त ट्रस्टी  भक्ति योग स्वामी कि 12 अप्रैल 2017 को मृत्यु हो गई। जिसके पश्चात आश्रम के कर्मचारी प्रेम प्रकाश राणा के द्वारा स्वयं को आश्रम का स्वामी घोषित कर दिया गया। जिसे न्यासी बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त नहीं है। इसके पश्चात प्रेम प्रकाश राणा व उसके सहयोगी हर्ष कुमार कौशल ,राजू बजाज ,ओम प्रकाश राणा और उनके अन्य साथियों के द्वारा मंदिर से प्राप्त होने वाले दान की धनराशि का लगातार गबन किया जा रहा है। गेस्ट हाउस व  रेस्टोरेंट से होने वाली आमदनी को ट्रस्ट के खाते में जमा ना कर निजी खाते में जमा किया जा रहा है। प्रेम प्रकाश राणा द्वारा आश्रम के चालक सुनील शर्मा के साथ षड्यंत्र कर स्वयं को इस आश्रम का  व्यवस्थापक घोषित किया गया और आश्रम की संपत्ति का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। वादी गण की तहरीर पर प्रेम प्रकाश राणा उर्फ  परमानंद दास, हर्ष कुमार ,राजू बजाज, ओम प्रकाश राणा व सुनील शर्मा के विरुद्ध धारा 406, 408 420, 468 आईपीसी के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है जिसकी जांच की जा रही है ।

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