करोड़ो के लॉकर व करोड़ों की बेनामी संपत्ति के चलते विजलेंस टीम दबोचा
जोशीमठ के प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद की जांच प्रदेश स्तर पर अभी चल ही रही थी कि बुधवार को केंद्रीय विजलेंस की टीम ने उन्हें दबोच लिया और अपने साथ दिल्ली ले गयी। बता दें कि किशनचंद अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे थे मगर याचिका दायर करने से पहले ही विजलेंस की टीम ने दबोच लिया। आपको बताते चलें कि उनके 18 लाॅकर पकड़े गए हैं जिसमें करोड़ों रूपये हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में भी विजिलेंस ने किशन चंद की खुली जांच की थी और उसमें पाया था कि किशन चंद के पास अरबों रुपए की संपत्ति है और जब विजिलेंस इसकी संपत्ति कोई जांच नहीं कर सका तो विजिलेंस ने आखिर में यह लिख दिया कि किशन चंद के पास अकूत संपत्ति है तब नया नया राज्य बना था और जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने रफा दफा कर दी थी। यह जांच रिपोर्ट ही आज गायब है।
वर्तमान सरकार मे भी किशनचंद सरकार और उच्चाधिकारियों की आंखों का तारा बना हुआ था लेकिन किशन चंद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले इतने जबरदस्त थे कि विजिलेंस की राह को रोकना असंभव था। नतीजा केंद्रीय विजलेंस् ने दबोच ही लिया।
लिहाजा विजिलेंस ने एक साल किशन चंद की पूरी घेराबंदी कर लेने के बाद सोच समझकर हाथ डाला और आज परिणाम सबके सामने है।
जोशीमठ के प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद की जांच प्रदेश स्तर पर अभी चल ही रही थी कि बुधवार को केंद्रीय विजलेंस की टीम ने उन्हें दबोच लिया और अपने साथ दिल्ली ले गयी। बता दें कि किशनचंद अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे थे मगर याचिका दायर करने से पहले ही विजलेंस की टीम ने दबोच लिया। आपको बताते चलें कि उनके 18 लाॅकर पकड़े गए हैं जिसमें करोड़ों रूपये हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में भी विजिलेंस ने किशन चंद की खुली जांच की थी और उसमें पाया था कि किशन चंद के पास अरबों रुपए की संपत्ति है और जब विजिलेंस इसकी संपत्ति कोई जांच नहीं कर सका तो विजिलेंस ने आखिर में यह लिख दिया कि किशन चंद के पास अकूत संपत्ति है तब नया नया राज्य बना था और जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने रफा दफा कर दी थी। यह जांच रिपोर्ट ही आज गायब है।
वर्तमान सरकार मे भी किशनचंद सरकार और उच्चाधिकारियों की आंखों का तारा बना हुआ था लेकिन किशन चंद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले इतने जबरदस्त थे कि विजिलेंस की राह को रोकना असंभव था। नतीजा केंद्रीय विजलेंस् ने दबोच ही लिया।
लिहाजा विजिलेंस ने एक साल किशन चंद की पूरी घेराबंदी कर लेने के बाद सोच समझकर हाथ डाला और आज परिणाम सबके सामने है।

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