ऋषिकेश,17 अगस्त।दो दिन पूर्व नदी किनारे घूमने गया एक व्यक्ति सौंग नदी में आयी अचानक बाढ़ के पानी में घिर गया।जिसका पता स्थानीय लोगों को कल चला।दो दिन पूर्व सौंग नदी और गँगा के संगम पर अचानक हुई जल बृद्धि से डेल्टा बन गया जिसमें ग्रामीणों की जँगल चरने गयी गायों सहित एक व्यक्ति के फँसे होने का पता तब चला जब खदरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान अपनी जँगल करने गयी गाय की तलाश में सौंग नदी के तट पर पहुँचे तो उन्हें नदी के दूसरे छोर पर खड़े एक व्यक्ति ने आवाज लगा कर रोटी माँगी।व्यक्ति की हालत से ही उसके नदी के डेल्टा में फँसे होने का अंदाज़ा लगाते हुए उन्होंने स्थानीय युवाओं को इसकी सूचना देकर बाढ़ में फंसे व्यक्ति को बचाने का आग्रह किया।देर शाम रात हो जाने के कारण रेस्क्यू करना सम्भव नहीं था तो सुबह सुबह रेस्क्यू की योजना बनायी गयी।प्रातः होते ही स्थानीय युवाओं का एक स्थानीय बचाव दल बनाया गया जिसमें कुशल तैराक शामिल किये गए।सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान ने बताया कि बचाव दल में तैराक दिनेश कुलियाल,प्रकाश पटवाल,विन्दर सिंह तैरकर नदी पार गये जबकि किसी अनहोनी की आशंका के चलते दूसरी टीम इस छोर पर तैयार खड़ी रही जिसमें राजेन्द्र सिंह रावत, मदन रयाल,मेदनी धर रतूड़ी,लालमणि रतूड़ी,नरेश पुरोहित विनोद जुगलान विप्र शामिल थे।शीघ्र ही नदी की धारा पार गये युवकों ने दो दिन से बाढ़ के पानी में फँसे व्यक्ति को सकुशल बाहर निकाल लिया।जिस व्यक्ति को स्थानीय युवकों के बचाव दल ने बाहर निकाला है वह अपना नाम कजोड़ी लाल गुजर कटारिया बताया जो कि मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा है जो कि नदी किनारे घूम रहा था लेकिन अचानक आयी बाढ़ से नदी की धारा बदल जाने के कारण दो धाराओं के बीच फंस गया था।स्थानीय युवकों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल कर खाना खिलाया तो उसकी खुशी के आँसू बह निकले।

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