गुजरात के सियासी रणभूमि में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नए तेवर और नए अंदाज में नजर आ रहे हैं. राहुल चुनावी रैली में पहुंचने से पहले राष्ट्रीय राजनीति के मद्देनजर सरकार पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट करते हैं. राहुल के ट्वीट करते ही सियासी चर्चाएं तेज़ हो जाती हैं. इसके कुछ ही देर बाद राहुल रैली के मंच पर होते हैं और हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर होता है. बीजेपी इन हमलों के जवाब देने के लिए अपने दिग्गजों की टीम उतरती है और उलझकर रह जाती है. राहुल आगे बढ़ जाते हैं.
गुजरात की सियासी जंग जीतने के लिए राहुल गांधी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर है. मुस्लिम बहुल इलाके में होनी वाली रैलियों में राहुल के साथ संत महंत मंच पर नजर आते हैं. राहुल का काफिला आगे निकलता है तो रास्ते में पड़ने वाली किसी मस्जिद पर न वो रुकते हैं और नही माथा टेकते हैं.
रैलियों के भाषण में राहुल की जुबान से ट्वीट की वही लाइनें निकलती हैं, जिसको टीवी और सोशल मीडिया बतौर खबर इस्तेमाल कर सकें. अपने भाषण में राहुल कोशिश करते हैं कि, जनता के साथ संवाद कर सकें. हर सवाल, आरोप और अपनी बात पर वो जनता से हामी भरवाते हैं.

राहुल के भाषण में आंकड़ों की नई चासनी
राहुल कहते हैं- मोदीजी ने आदिवासी इलाकों में योजना के तहत 2007 मैं 15000 करोड रुपए देने का वादा किया था. वह पूरा नहीं हुआ फिर 2012 में 40000 करोड़ रुपए देने का वादा किया आप लोग बताइए कि क्या 40 और 15 मिलाकर 55000 करोड़ रुपए आपको मिले जनता बोलती है नहीं.
राहुल कहते हैं- जल जंगल जमीन गुजरात की परंपरा है मोदी जी ने जल जंगल जमीन आदिवासियों से ली, लेकिन बदले में कुछ नहीं दिया, कुछ मिला क्या आपको?
राहुल ने कहा- चीन में हर 24 घंटे में 50 हजार रोजगार मिलते हैं जब के हिंदुस्तान में सिर्फ 450 अब मोदी जी बताएं कि, साल में दो करोड़ रोजगार का क्या हुआ. फिर राहुल बोलते हैं कि, भारत 70 हज़ार रोज़गार रोज पैदा कर सकता है.
राहुल गांधी ने कहा- गुजरात में मोदी जी ने 7:50 लाख एकड़ जमीन अधिग्रहीत की लेकिन 60 फ़ीसदी जमीन इस्तेमाल नहीं की क्या वह आदिवासियों को वापस की गई, नहीं की गई,  जवाब कौन देगा मोदी जी बताइए.

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