मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंगलवार को एएमएन घोष ऑडिटोरियम में आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2017 के अंतर्गत, एक दिवसीय संगोष्ठी ‘मेरा लक्ष्यः भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ में सम्मिलित हुए.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए हमें सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. यदि हम भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक रहेंगे तो ही हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हम अपने जीवन को संयमित नहीं करते, भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सकता. हमें भी अपने जीवन को भ्रष्टाचार से दूर रखना होगा. राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स की नीति अपना रखी है.
प्रमुख सचिव (सतर्कता) राधा रतूड़ी ने कहा कि सतर्कता विभाग, भ्रष्टाचार के केसों को हल करने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहा है. ऐसे केसों को हल करने में अधिक समय न लगे इस पर सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है. भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये राज्य सरकार ने अधिक से अधिक सेवाओं को सेवा के अधिकार के अंतर्गत रखा है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता बोर्ड, सतर्कता जागरूकता जिंगल एवं एक लघु फिल्म की सीडी का भी विमोचन किया. इस अवसर पर निदेशक सतर्कता राम सिंह मीणा, चीफ सीएसआर, ओएनजीसी आलोक मिश्रा और महाप्रबन्धक ओएनजीसी प्रीता पंत ब्यास भी उपस्थित थीं.


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