रुड़की । ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल आज एआरटीओ कार्यालय पर छापा मारा। वहां उन्हें चौकीदार फार्म की खिड़की पर बैठा मिला तो वहीं एक दलाल की दुकान से काफी सारे लाइसेंस और फार्म भी मिले एसडीएम निकिता खंडेलवाल ने आरटीओ को दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सुबह करीब 11 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एआरटीओ कार्यालय ग्राहक बनकर पहुंची। उन्होंने फार्म खिड़की से कर्मचारी से फार्म मांगा तो कर्मचारी ने फार्म न होने का हवाला देते हुए सामने बैठे एक दलाल की दुकान में फार्म मिलनें की बात कहतें हुए जेएम को वहां भेज दिया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दलाल के पास जाकर 2 रुपए में बिकने वाला फार्म 5 रुपए में खरीदा और लाइसेंस बनवाने की कीमत पता किया। जिसका दलाल द्वारा 2400 रुपए बताया गया। वैसे लाइसेंस बनबाने की पूरी सरकारी फीस 1390 रुपए है। जेएम ने फार्म लेकर भरना शुरू किया तभी इतने में एआरटीओ शैलेश तिवारी की नजर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पर पड़ी और उन्होंने उन्हें पहचान लिया। कार्यालय में जैसे ही पता लगा कि यह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट है सभी कर्मचारी हरकत में आ गए। वहीं जिस दलाल से जेएम ने फार्म खरीदा था। वह दलाल चुपचाप अपनी दुकान बंदकर के वहां से फरार हो गया। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर दुकान का ताला तोड़ा गया तो उसके अंदर से बहुत लोगों के भरे हुए फार्म और बने हुए लाइसेंस बरामद हुए। जिस पर उन्होंने एआरटीओ को जमकर लताड़ लगाई और पूछा कि यह फार्म और लाइसेंस सरकारी कार्यालय के बजाय दलाल के दुकान में क्या काम कर रहे हैं। वह उसका कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। वहीं ज्वाइन मजिस्ट्रेट ने सारे फार्म और लाइसेंस के साथ फोटो स्टेट मशीन आदि अपने कब्जे में ले लिया। वहीं बाद में पता लगा कि जो कर्मचारी फार्म खिड़की पर बैठा था। वह कार्यालय का चौकीदार है। इस संबंध् में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल का कहना है कि एआरटीओ को निर्देश दिए कि कर्मचारियों पर कार्रवाई करें।

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