उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्ती बरतने जा रही है. खुद मुख्यमन्त्री ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतों के बाद स्पेशल ऑडिट कराने का फैसला किया है. देवभूमि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.

राज्य गठन के बाद से कई बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं और अब भी शिकायतों का सिलसिला थमा नहीं है. मुख्यमन्त्री ने करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कहते हुए शिकायतों पर कड़ा एक्शन लिया है.

एनएच 74 मामले में पहले ही सरकार ने एसआईटी के जरिये घोटालेबाजों पर शिकंजा कस दिया और अब दूसरी शिकायतों का विभागवार स्पेशल ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है.

मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में कह चुके हैं कि सरकार ने जो वादा जनता से किया था उस पर हर हाल में अमल करेगी. भ्रष्टाचार की शिकायत पर बिना किसी दबाव के एक्शन होगा.
अब जिन विभागों से जुड़ी शिकायतों पर स्पेशल ऑडिट कराने की तैयारी है उन पर नजर डालते हैं.

सिडकुल में आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत

राज्य सहकारी बैंक में वित्तीय गड़बड़ियों का होगा ऑडिट

यूपी राजकीय निर्माण निगम को दिए कार्यों की होगी जांच

हरिद्वार जिले के दो निकाय भी होंगे स्पेशल ऑडिट के दायरे में

कुमाऊं में हुए चावल घोटाले का भी होगा स्पेशल ऑडिट

स्पेशल ऑडिट और एसआईटी जांच के ज़रिए राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर शिकंजा कसने जा रही है. सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि अब विभागों में गड़बड़ी कर नोट कमाने वाले विभागीय कर्मियों और अधिकारियों की जल्द शामत आने वाली है.

 

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