स्तर पर पदक जीतने पर होने वाली वाहवाही में हिस्सा बांटना खेल विभाग का प्रिय खेल है. इसीलिए प्रदेश का नाम रोशन करने पर खेल विभाग खिलाड़ी को इनाम का ऐलान तो कर देता है लेकिन फिर भूल जाता है.
राज्य सरकार खेलों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीतने पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का दावा तो करती है लेकिन इसके काम करने का ढंग उन्हें हतोत्साहित ही करता है.
ताज़ा मामला फुटबाल खिलाड़ी ललित तड़ियाल का है. तड़ियाल अल्मोड़ा जिले के भिक्यासैण विकास खण्ड के दयौना के हैं.
उन्होंने एशियन चैम्पियनशिप ट्राफी में भारत के लिए रजत पदक जीता था. सैफ खेल में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को राज्य सरकार ने तीन लाख रुपये देने का ऐलान किया था लेकिन दो साल बीतने के बाद भी खेल विभाग चुप्पी साधे हुए हैं.
अल्मोड़ा में ललित तड़ियाल के पिता तुला सिंह तड़ियाल ने न्यूज़ 18 के सामने अपना दर्द रखा. ललित के पिता यह भी कहते हैं कि उन्होंने (ललित ने) तो सरकार से कुछ मांगा नहीं था. लेकिन अगर इनाम देकर सम्मानित करने का ऐलान किया था तो उसे पूरा भी करना चाहिए. उम्मीद जगाकर तोड़ना ठीक नहीं है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण खिलाड़ियों की अनदेखी कर रही है. कई बार खेल विभाग के अधिकारियों से वार्ता के बाद भी सम्मान नहीं दिया जा रहा है.
तुला सिंह तड़ियाल को यह भी तकलीफ़ है कि सभी लोग यह मानते हैं कि सरकार की ओर से ललित को इनाम मिल चुका है और सच्चाई बताने पर लोगों को ऐसा लगता है कि वह झूठ बोल रहे हैं.
लोग तो यह भी कहते हैं कि अगर इनाम देना नहीं होता तो सरकार बोलती क्यों? यही सवाल तुला सिंह तड़ियाल भी पूछ रहे हैं.


Post A Comment: