सोमवार को रुड़की कोर्ट में हुई गोलीबारी को राज्य में बढ़ते गैंगवार का नतीजा बताया जा रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि यह राजनीतिक रंजिश का मामला है.
रुड़की की अदालत में सरे दोपहर गोलीबारी के बाद वकीलों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी तो पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया था कि कैसे राज्य में गैंगवार बढ़ता जा रहा है?
पुलिस ने दावा किया है कि राजनीतिक रंजिश के चलते ऋषिपाल राणा ने इस घटना को शूटर्स के ज़रिए अंजाम दिलवाया. इस गोलीबारी में पेशी के लिए राया गया देवपाल राणा मारा गया.
घटना को अंजाम देने वाले तीन शूटर्स को पुलिस गिरफ्त में ले चुकी है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारी होने की बात कही जा रही है. ख़ास बात यह है कि पुलिस हत्याकाड में पकड़े गए शूटर्स से पूछताछ कर कुछ नए खुलासे भी कर सकती है.
डीआईजी गढ़वाल पुष्पक ज्योति ने बहादुरी से शूटर्स को रोकने वाले जवानों की तारीफ की और 5 हज़ार का इनाम देने की बात कही, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने का भी दावा किया.
यह मामला भले ही राजनीतिक रंजिश से जुड़ा है और देवपाल की हत्या को राजनीतिक रंजिश माना जा रहा है लेकिन इसे सुनील राठी गैंग के कमजोर होने से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
दरअसल देवपाल सुनील राठी के लिए काम करता था और जेल में रहकर भी लम्बे समय से राठी गैंग से जुड़े उगाही के काम करता था.
देवपाल की हत्या से पुलिस का सिरदर्द तो कुछ कम होगा लेकिन माना जा रहा है कि चीनू गैंग इस हत्या के बाद मजबूत हुआ है और यह पुलिस के सिर में दर्द करने की वजह बन सकता है.


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