हर आदमी की माली स्थिति के अनुसार घर दिलाना उनकी प्राथमिकता
देहरादून। उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक लगातार सूबे के शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए काम कर रहे है। जहां दून को स्मार्ट सिटी बनाए जाने की कवायद जारी है। साथ ही वे रियल एस्टेटी की जटिलताओं को खत्म करके उत्तराखण्ड में रियल एस्टेट करोबारियों को निवेश करने के लिए आमंत्रित कर रहे है।
उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने विश्वास दिलाया है कि सरकार रियल एस्टेट की जटिलताएं जल्द ही खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट कारोबारी उत्तराखंड आएं और यहां निवेश करें। इनके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा और जमीन के लिए भी सरकार मदद करेगी। मदन कौशिक ने कहा कि हर आदमी की माली स्थिति के अनुसार घर दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। बेघरों के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, राज्य के आर्थिक संसाधनों में यह लक्ष्य आसान नहीं, इसे पूरा करने में रियल एस्टेट अहम भूमिका निभा सकता है। कौशिक ने कहा कि सरकार आवास विकास की नई नीति जल्द लाने जा रही है। इसमें कई बदलाव किए जा रहे हैं।
अब तक हर कालोनाइजर के लिए प्रोजेक्ट में 30 पत्रफीसदी घर आम लोगों को ध्यान में रखते हुए अपत्रफोर्डेबल बनाना अनिवार्य है। नई पालिसी में इसे 50 प्रतिशत किया जा रहा है। इससे कालोनाइजर को घबराने की जरूरत नहीं। सरकार इन 50 पत्रफीसदी घरों का मूल्य तय कर देगी। उसी दायरे में यह घर बनाने होंगे और उसके बाद इन्हें बेचने की गारंटी सरकार की होगी। सरकार अपने हिसाब से जरूरतमंद लोंगों को ये भवन देगी। हां, यह जरूर है कि कालोनाइजर को उसका पूरा धन मिल जाएगा। साथ ही वो सरकार का नाम भी अपने प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकता है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हर आदमी की माली स्थिति के अनुसार घर दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। बेघरों के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
देहरादून। उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक लगातार सूबे के शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए काम कर रहे है। जहां दून को स्मार्ट सिटी बनाए जाने की कवायद जारी है। साथ ही वे रियल एस्टेटी की जटिलताओं को खत्म करके उत्तराखण्ड में रियल एस्टेट करोबारियों को निवेश करने के लिए आमंत्रित कर रहे है।
उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने विश्वास दिलाया है कि सरकार रियल एस्टेट की जटिलताएं जल्द ही खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट कारोबारी उत्तराखंड आएं और यहां निवेश करें। इनके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा और जमीन के लिए भी सरकार मदद करेगी। मदन कौशिक ने कहा कि हर आदमी की माली स्थिति के अनुसार घर दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। बेघरों के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, राज्य के आर्थिक संसाधनों में यह लक्ष्य आसान नहीं, इसे पूरा करने में रियल एस्टेट अहम भूमिका निभा सकता है। कौशिक ने कहा कि सरकार आवास विकास की नई नीति जल्द लाने जा रही है। इसमें कई बदलाव किए जा रहे हैं।
अब तक हर कालोनाइजर के लिए प्रोजेक्ट में 30 पत्रफीसदी घर आम लोगों को ध्यान में रखते हुए अपत्रफोर्डेबल बनाना अनिवार्य है। नई पालिसी में इसे 50 प्रतिशत किया जा रहा है। इससे कालोनाइजर को घबराने की जरूरत नहीं। सरकार इन 50 पत्रफीसदी घरों का मूल्य तय कर देगी। उसी दायरे में यह घर बनाने होंगे और उसके बाद इन्हें बेचने की गारंटी सरकार की होगी। सरकार अपने हिसाब से जरूरतमंद लोंगों को ये भवन देगी। हां, यह जरूर है कि कालोनाइजर को उसका पूरा धन मिल जाएगा। साथ ही वो सरकार का नाम भी अपने प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकता है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हर आदमी की माली स्थिति के अनुसार घर दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। बेघरों के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


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