देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमण्डल मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात हेतु समय प्रदान किये जाने में आना-कानी व अपरिहार्य कारणांे का हवाला देने के कारण ज्ञापन उनके कार्यालय में उनके स्टाफ आॅफिसर बीएस मनराल को सौंपा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र रावत द्वारा निर्वाचन आयोग के समक्ष दिये गये झूठे शपथ पत्र मामले में मुकदमा दर्ज कराने को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय में दस्तक दी गयी।
नेगी ने कहा कि सीएम रावत ने अपने शपथ पत्र में वर्ष 2007 के चुनावी नामांकन पत्र में अपनी उम्र 46 वर्ष, 2012 के चुनाव में 52 वर्ष, 2014 के उपचुनाव में 54 वर्ष तथा 2017 के चुनावी नामांकन पत्र में भी 54 वर्ष अंकित की है। इनकी जन्मतिथि दिसम्बर 1960 है। वर्ष 2017 के नामांकन के समय इनकी उम्र 56 वर्ष से अधिक थी तथा इसी प्रकार वर्ष 2012 के चुनाव में इनकी उम्र 51 वर्ष थी, लेकिन इनके द्वारा 52 वर्ष प्रदर्शित की गयी।
नेगी ने कहा कि इनके द्वारा अपनी पैतृक सम्पत्ति का चालू बाजार मूल्य मात्र 50 लाख दर्शाया गया, जबकि उसकी कीमत लगभग 3 करोड से अधिक की है, जो कि डिफेन्स कालोनी, देहरादून में स्थित है। इसके साथ-साथ इन्होंने अपनी पत्नी की भूमि इत्यादि का चालू बाजारू मूल्य मात्र 28 लाख दर्शाया गया है, जबकि उस वक्त नामांकन के समय उक्त समस्त भू-खण्डों की कीमत करोड़ों में थी।
उक्त के अतिरिक्त इन्होंने अपने नामांकन पत्र में ढैंचा बीज घोटाले के सम्बन्ध में योजित जनहित याचिका में जारी हुए नोटिस का कहीं भी उल्लेख नहीं किया है, जो कि सरासर जनता के साथ-साथ निर्वाचन आयोग के साथ भी धोखाधड़ी है। आलम यह है कि फर्जीवोड़ा व धोखाधड़ी करने वाले ही आज जीरो टोलरेंश का ढोल पीट रहे हैं।
प्रतिनिधिमण्डल में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, मौ. असद, प्रवीण शर्मा, बागेश पुरोहित, प्रभाकर जोशी आदि थे।

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