देहरादून। रईसी में कोई कमी नहीं क्योंकि माया यानि पैसे की मोहब्बत ने आज दो मजदूरों की मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। अपनी सालाना इनकम से अगर थोड़ा पैसा निकाल कर भी सुरक्षा इंतजामात पर खर्च होते तो शायद आज यह हादसा न होता। यहां केवल एक फैक्ट्री की बात करना बेमानी होगा, क्योंकि सिडकुल में ऐसी फैक्ट्रियों की बड़ी तादात है, जिनके पास जरूरी दमकल विभाग की एनओसी ही नहीं है।
दमकल अधिकारियों की जुबानी सुनें तो सिडकुल में चार सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां संचालित हैं। जिसमें हजारों मजदूर काम करते हैं। बात नियमों की हो तो इन फैक्ट्रियों को चलाने से पहले दमकल विभाग से एनओसी लेना जरूरी होता है। जो इस बात का प्रमाण है कि फैक्ट्री में आग से बचाने वाले सभी जरूरी उपकरण मौजूद हैं, लेकिन सालासर सिनथेटिक में ऐसा नहीं था। बात केवल सालासर की भी नहीं है। अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस साल सिडकुल में मौजूद चार सौ से ज्यादा फैक्ट्रियों में से ढाई सौ से अधिक की एनओसी दमकल विभाग ने केवल इस साल केवल इसी वजह से रोकी गई क्योंकि इन फैक्ट्रियों में आग से निपटने के सभी जरूरी उपकरण मौजूद नहीं थे। हालांकि दमकल विभाग से एनओसी रोकने के बाद तमाम फैक्ट्री मालिकान ने सभी जरूरी उपकरण पूरे कर लिए थे।
पूरे मामले में अधिकारियों की पड़ताल के बाद एक बात और सामने निकल कर आई, जो हादसे की प्रमुख वजह थी। दरअसल, घायल दो मजदूर जिस ड्राई यार्ड में प्लास्टिक को गला रहे थे वह दस से अधिक साल पुराना था। पुराना और जर्जर होने की वजह से ड्राई यार्ड अधिक आग बर्दाश्त नहीं कर सका और फट गया।
फैक्ट्री में केवल उपकरण लगा देने से ही जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती, बल्कि इसके लिए फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों को प्रशिक्षित भी किया जाना चाहिए। नियम तो यहां तक कहते है कि इन उपकरणों की चला सकने वाला कम से एक कर्मचारी तो फैक्ट्री में तैनात किया ही जाना चाहिए। हालांकि सालासर सिंथेटिक में ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया था। दमकल अधिकारियों की मानें तो सालासर फैक्ट्री में किसी को भी यह उपकरण चलाने का अनुभव नहीं है।
डा.सदानंद दाते, एसएसपी हादसे में दो लोग घायल हुए है। जांच के निर्देश भी दे दिए गए है। जांच के दौरान अगर फैक्ट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आएगी तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र सिंह कुंवर, सीएफओ ने बताया कि हादसा जर्जर ड्राई यार्ड के फटने की वजह से हुआ। यह ड्राई यार्ड लगभग दस साल पुराना था। मामले में दमकल विभाग नहीं बल्कि श्रम विभाग कार्रवाई करेगा। फायर उपकरण पूरे न होने की वजह से इस साल हमने सिडकुल की ढाई सौ से ज्यादा फैक्ट्रियों की एनओसी रोकी थी।


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