सूबे की त्रिवेन्द्र सरकार ने नई स्थानान्तरण बिल को गैरसैंण विधानसभा से पास करा लिया है. अब राज्यपाल की अनुमति के साथ ही ट्रांसफर बिल अधिनियम यानी एक्ट में बदल जाएगा और प्रदेश के कार्मिकों पर लागू हो जाएगा. आइए नज़र डालें इस बिल की बड़ी बातों पर....
- सबसे पहले सुगम क्षेत्र में जमे कार्मिकों के होंगे तबादले
- सुगम क्षेत्र में एक जगह पर 4 वर्ष से जमे कार्मिकों के होंगे तबादले
- सुगम क्षेत्रों में 10 साल की तैनाती के बाद दुर्गम में होंगे तबादले
- दुर्गम क्षेत्र में तैनाती की अवधि पूरी होने पर मिलेगा सुगम क्षेत्र
- दुर्गम क्षेत्र में तैनाती पर कार्मिकों को मिलेगा प्रोत्साहन
- दुर्गम में एक वर्ष की सेवा होगी सुगम में दो वर्ष के बराबर
- 31 मार्च से ट्रांसफर प्रक्रिया होगी शुरू
- 10 जून तक हर साल होंगे कार्मिकों के तबादले
- दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती पर दिया जाएगा प्रोत्साहन
- 7 हज़ार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर तैनाती पर ज्यादा लाभ
- ऐसे कार्मिकों का एक वर्ष सुगम में माना जाएगा दो वर्ष
- 7 हज़ार फीट से कम ऊंचाई पर एक वर्ष माना जाएगा 1 वर्ष 3 माह
- नियुक्ति के समय पहली तैनाती अनिवार्य रुप से दुर्गम में
- समूह क,ख के अफसरों को गृह जनपद में तैनाती नहीं
- स्थानांतरण के 1 हफ्ते बाद अनिवार्य होगा ज्वॉइन करना
- 7 दिन तक ज्वॉइन न करने पर रोका जाएगा वेतन
- ट्रांसफर होने के बाद ज्वॉइनिंग तक नहीं मिलेगी छुट्टी
- अनुरोध के आधार पर ट्रांसफर के 7 पैमाने निर्धारित


Post A Comment: