मुख्यमंत्री आवास में ही सर्वप्रथम राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण व संचय आदि पहलों को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित उद्यान का विस्तृत निरीक्षण किया.
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास स्थित उद्यान में वृक्षों की लेबलिंग की जाए, वृक्षों के नाम, उनको कब लगाया गया, वृक्ष की आयु, उनका प्रचलित व बायोलॉजिकल नाम और उनके औषधीय व अन्य उपयोगी गुण आदि सभी जानकारी उसमें प्रदर्शित हो.
प्रत्येक वृक्ष का जीवन-परिचय व इतिहास की जानकारी उस वृक्ष पर लगी परिचय पट्टिका से मिल जानी चाहिए. उन्होंने उद्यान में और अधिक सगन्ध व अन्य औषधीय पौधे लगाने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि बाग को ओर अधिक विकसित किया जाए तथा इसके सौन्द्रीयकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए. इसे एक आदर्श उद्यान के रूप में विकसित किया जाए.
पौधों में अपनी विशेष रूचि के अनुरूप मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उद्यान में कार्यरत कर्मियों से वहां के वृक्षों व पौधों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा पौधों को और अधिक विकसित करने हेतु अपनी जानकारी को साझा किया. उन्होंने पौधो के समुचित विकास हेतु सुझाव भी दिए. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में वाटर हारर्वेस्टिंग सिस्टम सुदृढ़ करने, ग्राउन्ड वाटर रिचार्ज सिस्टम प्रभावी बनाने व आवास में सोलर पैनल स्थापित करने के भी निर्देश दिए.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कृषि, बागवानी, वृक्षारोपण जैसे विषयों में विशेष रूचि रखते हैं. राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि विकास, बागवानी, वृक्षारोपण, पर्यावरण सरंक्षण व जल संचयन हेतु चलाई जा रही योजनाओं प्रभावी क्रियान्वयन व निरन्तर मॉनिटरिंग पर मुख्यमंत्री का विशेष फोकस है. इस अवसर पर सचिव उद्यान डॉक्टर डी सैंथिल पांडियन भी उपस्थित थे.


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