श्रीनगर । राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में चिकित्सा शिक्षा निदेशक एवं अनु सचिव ने पहुंचकर कॉलेज की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शासन के निर्देश पर लगातार चिकित्सा शिक्षा निदेशक मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण पर पहुंच रहे है, किंतु कॉलेज की समस्याओं पर शासन स्तर से हल होने में टाइम लग रहा है। जिस कारण आज भी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की तैनाती, कर्मचारियों का सेवा विस्तार, टैक्नीशियनों की नियुक्ति, डॉक्टरों व कर्मचारियों का नियमितकरण के सवाल आज भी बरकरार है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना एवं अनु सचिव डॉ शिव शंकर मिश्रा ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर कॉलेज की विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विगत पांच वर्षो से निर्माणाधीन प्रेक्षागृह का निर्माण आज भी अधूरा होने पर निदेशक से निर्माण निगम को जल्द
पूरा करने के निर्देश दिये। जबकि विभिन्न विभागों में लगे जाले, परिसर में निर्माण सामग्री, गंदगी और झाड़ियों को साफ करने के निर्देश दिये। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट की उचित व्यवस्था करने तथा परिसर में कूड़ा जलाने को गलत बताया। जबकि कॉलेज के हास्टल के पीछे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भी दौरा किया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने चिकित्सा परिवार कल्याण के रिक्त सात पदों को भरने, संकाय सदस्यों की नियुक्ति करने, कर्मचारियों का सेवा विस्तार करने, ईएमओ के पद भरने, सीटी स्केन में टैक्नीशियनों की नियुक्ति करने, स्टाफ नर्स की सैलरी की विसंगति दूर करने, डॉक्टरों की स्थाई नियुक्ति सहित अन्य मामलों पर कार्यवाही किये जाने हेतु निदेशक से वार्ता की। जबकि पूर्व में प्राचार्य ने मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से भी कॉलेज के मुद्दों को लेकर वार्ता एवं पत्र दे चुके हैं। इधर चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कॉलेज में डॉक्टरों की नियुक्ति का मामला, कर्मियों के सेवा विस्तार का मामला शासन स्तर पर लम्बित है। कॉलेज की व्यवस्था सुदृढ़ बने इसके लिए लगातार चिकित्सा शिक्षा विभाग शासन स्तर से कार्यवाही हेतु पत्राचार कर रहा है। निरीक्षण के दौरान ईएनटी विभाग के एचओडी डॉ. रविन्द्र बिष्ट सहित अन्य विभागों के एचओडी मौजूद थे।

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