बाजपुर । बिना ट्रीटमेंट किये ही प्रदूषित पानी को कैमिकल फैक्ट्री द्वारा नदी में बहाये जाने की शिकायत मिलने पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड अधिकारियों व कर्मियों ने मौके पर पहुुंच कर शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाये जाने पर कैमिकल फैक्ट्री को सील करते हुए बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के उत्पादन को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।
बैरिया रोड स्थित गडरी नदी के किनारे स्थापित श्रीकृष्णा कैमिकल फैक्ट्री के प्रबंधन वर्ग द्वारा संस्थान से निकलने वाले प्रदूषित पानी को बिना उपचारित किये ही नदी में बहाया जा रहा था। इसके चलते इस पानी को पीने से क्षेत्र के लोगों के मवेशी बीमार हो रहे थे। यही नहीं, इस प्रदूषित पानी से खेतों की सिंचाई करने पर फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। इसकी ग्रामीणों द्वारा शिकायत किये जाने पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी उपजिलाधिकारी के मार्ग दर्शन में संस्थान पहुंचे तथा मौके पर जांच की जिसमें प्रदूषित पानी को सीधे नदी में डाला जा रहा था। इस बाबत प्रबंधन वर्ग का कहना था कि प्लांट की मोटर खराब हो जाने के चलते ऐसा किया जा रहा है। इस दलील को दरकिनार करते हुए उपजिलाधिकारी पीएस राणा तथा क्षेत्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी एसके सिंह ने फैक्ट्री को सील कर दिया गया। वहीं कड़ी चेतावनी दी गयी कि जब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संस्थान को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर देता है, तब तक संस्थान बंद रहेगा।
बताते चलें कि क्षेत्र में उक्त फैक्ट्री से 500 मीटर दूर नदी का पानी साफ बह रहा है। इस पानी को पशुओं द्वारा पीने के साथ ही सिंचाई का कार्य भी लिया जा रहा है, जबकि संस्थान व आगे बहने वाले नदी के पानी में प्रचुर मात्रा में कैमिकल मौजूद है जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। अन्य कई संस्थानों से भी बिना उपचारित पानी को नदी-नालों में बहाये जाने की चर्चा है।


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