ऋषिकेश। धर्मनगरी में वैसे तो शराब को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन उत्तराखण्ड पुलिस के मुंह तो शराब की कमाई ऐसे लग गई है जैसे आदमखोर जानवर के मुंह इंसान का खून लग जाता है। ऋषिकेश के चन्देश्वर नगर के वार्ड नंबर 11 व गली नंबर एक की जनता ने साक्ष्यों के साथ तीन शराब तस्करों जिनके नाम गुडिया, सीमा, जितेन्द्र उर्फ ननुवा तथा सुरेन्द्र भट्ट की शिकायत ऋषिकेश पुलिस से लेकर सीएम तक कर दी है लेकिन पुलिस अपनी कमाई के चलते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। क्षेत्रीय लोगों को तो यहां तक आरोप है कि पुलिस अपराधों को खोलने के लिए मुखबिर रखती है लेकिन इन शराब तस्करों के लिए पुलिस खुद मुखबरी करती है ताकि शिकायत के बाद अगर इनके ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई हो तो पहले ही इन्हें सूचना दे दी जाए।
ऋषिकेश के चन्देश्वर नगर वार्ड नंबर 11 गली नंबर एक की जनता शराब माफियाओं से तरस्त है। जनता ने क्षेत्रीय पार्षद उर्मिल देवी के  नेतृत्व में हर जगह गुहार लगा ली लेकिन गुडिया, सीमा, जितेन्द्र उर्फ ननुवा तथा सुरेन्द्र भट्ट जैसे शराब माफियाओं सीएम दरबार तक लगा चुकी है लेकिन उनका कुछ भी बिगड़ नहीं रहा है। बल्कि उनका कारोबार पुलिस के संरक्षण में दिन दोगुना रात चैगुना फल फूल रहा है। पार्षद सहित क्षेत्र के लोगों ने सीएम को लिखे पत्र में बताया है कि शराब तस्कर गुडिया, सीमा, जितेन्द्र उर्फ ननुवा तथा सुरेन्द्र भट्ट से लोग इतने परेशान है कि रात में उनका व उनके परिवार वालों को घर से निकला मुश्किल हो गया है। शराब पीने वाले शराब लेने के लालच में गली में खड़े रहते है। वहां से गुजरने वाली लडकियों और औरतों पर तानाकशी करते है। कई बार तो लोगों से पैसे आदि की छीना छपटी हो चुकी है। ज्ञापन देने वालों में सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी शामिल है।

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