ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में अमेरीका एवं भारत के सुप्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा तीन दिवसीय निःशुल्क फिजियोथेरेपी कैम्प का आयोजन किया गया।
 परमार्थ निकेतन में स्वामी विवेकानन्द जी के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप मंे मनाया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सेवा के महत्व को समझाते हुये कहा कि ’युवा दिवस बने सेवा दिवस’ क्योंकि ’मानव सेवा ही माधव सेवा है’। उन्होने कहा सदियों की इबादत से बेहतर है वह एक लम्हा जो तूने बिताया है किसी इन्सान की खिदमत में। हम चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग में व्याप्त दुखों का निवारण कर सकते है। स्वामी विवेकानन्द जी भी यही चाहते थे कि हर एक प्राणी में नारायण को देखे; जनता में जनार्दन के दर्शन करे और भेदभाव की दिवारों को तोड़ते हुये, ऊँच-नीच की दरारों को भरते हुये समाज में सेवा का दीप जले।’
  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवंेद्र सिंह रावत जी से आज देहरादून में मुलाकात कर ’राष्ट्र युवा दिवस’ को रिस्पना के तट पर ’स्वच्छता सेवा दिवस’ के रूप में मनाया और प्रदेशवासियों से आहृवान किया कि वे नदियों एवं पर्यावरण की स्वच्छता के लिये अपना योगदान प्रदान करे।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से आज फिजियोथेरेपी कैम्प का विधिवत उद्घाटन जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी, डॉ विक्टोरिया ग्राहम पी टी तथा डॉ बैथ फिलिप्स, डॉ रवि कैशल, डॉ संदीप रैना, डॉ शुभांगी रैना, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी एवं अन्य सदस्यों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
 फिजियोथेरेपी कैम्प में पीठ, कमर, गर्दन का दर्द, स्लिप डिस्क, सायटिका, चक्कर आना, लकवा ( पैरालाइसिस) चेहरा, हाथों एवं पैरों का लकवा, न्यरो से सम्बन्धित रोग यथा पार्किन्सन, मोटर न्यूरोन, अस्थि से सम्बन्धित रोग घुटनों, जोड़ों के दर्द, मोच, कंधों का न उठना, एड़ी का दर्द, आपरेशन के बाद की अकड़न तथा विशेष रूप से बच्चों से सम्बन्धित रोग सेरेब्रल पल्सी, बाल विकास से सम्बन्धित विकृतियाँ जैसी अनेक बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।
   स्वामी शुकदेवानन्द चैरिटेबल हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ रवि कौशल ने बताया की अब तक 200 से अधिक रोगियों का उपचार किया गया है तथा कैम्प के माध्यम से और दो दिनों तक ये सभी सेवायें उपलब्ध करायी जायेगीं।
 परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेेथ वाश एलांयस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी की प्रेरणा से अमेरीका से डॉ विक्टोरिया ग्राहम पी टी तथा डॉ बैथ फिलिप्स अपने दस सदस्यों के दल के साथ ऋषिकेश में सेवा देने हेतु आये हुये है।
डॉ विक्टोरिया ग्राहम ने बताया कि वे तीर्थनगरी ़ऋषिकेश में  स्वामी चिदानन्द महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आगे भी कैम्प का आयोजन करते रहेंगे। उन्होने कहा कि भारत में बच्चों से सम्बन्धित सेरेब्रल पल्सी, बाल विकास से सम्बन्धित रोगो के लिये बेहतर यूनिट विकसित करने की आवश्यकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज ’राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर भारत के युवाओं का आहृवान करते हुये कहा कि ’भारत की युवा शक्ति अपने अवकाश के समय को सेवा कार्यों में लगायें तथा राष्ट्र और समाज के उत्थान में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान प्रदान करें। अवकाश में भी सेवा के आकाश को छुये। आध्यात्मिक मूल्यांे के साथ अपने कर्तव्यों को पूरा करें; जीवन मेेें सेवा कार्यों को स्थान दें तथा अपनी शक्तियों को सकारात्मक दिशा में अग्रसर करे। स्वामी जी ने कहा कि हमारी संस्कृति ’वेदों से विमान तक उपनिषद््ों से उपग्रह तक’ के विकास की संस्कृति है। हम विकास तो करे पर अपनी जड़ों से भी जुुड़े रहे। जड़ों से खोखला हुआ वृक्ष ज्यादा दिनों तक हरा-भरा नहीं रह सकता उसी प्रकार जड़ों से; संस्कृति से; संस्कारों से अलग होकर हमारे राष्ट्र का युवा भी उस गौरव को प्राप्त नहीं कर सकता जिसका वास्तव में वह अधिकारी है। स्वामी जी ने कहा कि अब आ गया है कि हम प्रकृति और पर्यावरण के विषय मंे चिंतन करे; स्वच्छ जल व शुद्ध वायु के बारे में सोचे और प्रदूषण मुक्त भारत के निर्माण के लिये आईये मिलकर कदम बढ़ायें।’
साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि ’दूसरों को दुखांे को दुर करने से जो शान्ति मिलती है सच्चे अर्थों में वहीं मानव जीवन की साधना है और यही भारतीय आध्यात्म का सार भी है। उन्होने कहा कि सेवा का कोई क्षेत्र नहीं होता। सेवा के लिये तो बस हृदय में भाव होने चाहिये जिस दिन ये भाव जाग्रत हो जाते है तब न कोई अपना होता है न पराया, तब तो बस सेवा ही हमारा धर्म और सेवा ही हमारी साधना होती है।’
डॉ विक्टोरिया ग्राहम पी टी, स्टेसी कोइ, सेलीया हांसे, केमिली फुलर, चेल्सी कैरोल, तारा ओ रौरके, नताशा सेनेगोवा, केन लिम, गेरार्डो मेन एवं डॉ बैथ फिलिप्स  से साध्वी भगवती सरस्वती जी ने डीवाइन शक्ति फाउण्डेशन द्वारा चिकित्सा, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के विषय में चर्चा की। सभी चिकित्सकों नेे परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया।

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