महिला शक्ति के लिए पहचाने जाने वाले प्रदेश उत्तराखंड की राजधानी में बच्चियों को भ्रूण में ही मार डालने की साज़िश को अंजाम दिया जा रहा था. राज्य के लिए चिंता की बात यह भी है यहां लिंग परीक्षण करवाने के लिए दूसरे राज्यों से भी लोग आ रहे थे.
गुरुवार को लिंग परीक्षण का दोषी पाए जाने पर देहरादून के त्यागी डाइग्नोसिस्ट सेंटर को सील कर दिया गया.
हरियाणा और उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी को अंजाम दिया. हरियाणा के अम्बाला में स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार जानकारी मिल रही थी कि उत्तराखण्ड के एक अल्ट्रासांउड सेंटर में लिंग परीक्षण किए जा रहे हैं.
जानकारी के आधार पर अम्बाला से पुलिस और स्वास्थ्य की टीम महिला इंन्फॉर्मर की मदद से देहरादून पहुंची जहां त्यागी सेंटर में महिला ने लिंग परिक्षण कराया जिसके एवज में डॉक्टर प्रमोद त्यागी ने महिला से 22,000 रुपये लिए.
छापे में टीम ने ने यह पैसा भी बरामद कर लिया है. इसमें से 16,000 रुपये अल्ट्रासाउंड सेंटर के एक कर्मचारी से मिले और 6,000 रुपये अंबाला से महिला को लेकर आए दलाल के पास से.
लिंग परीक्षण के मामले में दोषी पाए जाने पर डाइग्नोसिस्ट सेंटर को सील कर दिया गया है और देहरादून के एसडीएम प्रत्यूष सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने समय से उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग की टीम इस डाइग्नोसिस्ट सेंटर को क्यों नहीं पकड़ पाई थी और राजधानी में इस तरह का धंधा कैसे चल रहा था.
लिंग परीक्षण के मामले में दोषी पाए जाने पर डाइग्नोसिस्ट सेंटर को सील कर दिया गया है और देहरादून के एसडीएम प्रत्यूष सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने समय से उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग की टीम इस डाइग्नोसिस्ट सेंटर को क्यों नहीं पकड़ पाई थी और राजधानी में इस तरह का धंधा कैसे चल रहा था.


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