मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में सुबह 9 बजे ध्वजारोहण करने के बाद 10 बजे परेड ग्राउन्ड में आयोजित राजकीय ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तरकाशी जनपद में स्थित निलांग में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों का उत्साहवर्द्धन करने के लिए, उनके साथ ध्वजारोहण कर इस पावन पर्व को मनाएंगे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री उत्तरकाशी के मातली में भी आईटीबीपी जवानों के साथ गणतंत्र दिवस मनाएंगे.

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य के आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि राज्य सरकार जन आकांक्षाओं को लक्ष्य बनाकर राज्य के चहुंमुखी विकास की ओर आगे बढ़ रही है. पारदर्शी और जवाबदेह शासन देने के साथ ही राज्य सरकार का विश्वास परिणाम देने में है. उन्होंने प्रदेश के नागरिकों को मिलकर उत्तराखण्ड को देश का शीर्ष राज्य बनाने के लिए अपना शत-प्रतिशत योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को बधाई भी दी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानान्तरण में पारदर्शिता लाने हेतु मजबूत ट्रांस्फर एक्ट लाया गया है. विभागों की मॉनीटरिंग करने के लिए ‘उत्कर्ष’ नाम से सीएम डैशबोर्ड बनाया गया है, इसके माध्यम से विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है. पलायन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग’ का गठन कर इसका मुख्यालय पौड़ी में स्थापित किया गया है.

किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमांत कृषकों को दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है. इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग एक लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं. कोटद्वार में ‘कोटद्वार इको टूरिज्म सर्किट विकास एवं सफारी वाहनों का संचालन योजना’ का शुभारंभ किया गया है.
प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित किया जाएगा प्रथम चरण में 50 न्याय पंचायतें विकसित की जाएंगी. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का प्रथम प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है. आगामी तीन वर्षों में एक लाख से अधिक युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

‘उजाला मित्र’ योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एलईडी बल्ब वितरित किए जाएंगे. प्रदेश के 99.60 ग्राम विद्युतीकृत किए जा चुके हैं. पिछले 8 माह मे 35 दूरस्थ गांव विद्युतीकृत किए गए हैं, शेष 38 गांव मार्च 2018 तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के 35 प्रमुख चिकित्सालयों में टेली रेडियोलॉजी सुविधा प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है, अब तक 26 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी सुविधा प्रारंभ की जा चुकी है. राज्य के 04 प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अगस्त्यमुनि, भिकियासैंण, नौगांव एवं ओखल काण्डा में टेलीमेडिसिन सेवाओं के लिए ई-हेल्थ सेंटर स्थापित किया जा रहा है. प्रत्येक ई-हेल्थ सेंटर पर 60-65 प्रकार की जांचों की सुविधा प्रदान की जाएगी.

समस्त जिला चिकित्सालयों में डिस्ट्रिक्ट वेलनेस सेन्टर की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया है. जनपद देहरादून, नैनीताल तथा पौड़ी के 46 उपकेन्द्रों को हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है. देहरादून की रिस्पना एवं कुमांऊ की कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है. देहरादून में सूर्यधार झील का निर्माण कार्य प्रगति पर है, इस परियोजना से 30 गांवों को पेयजल, 24 गांवों के लिए सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा.

सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का निर्णय लिया गया है. सभी प्राथमिक विद्यालयों में एक वर्ष के अन्तर्गत मूलभूत सुविधाओं जैसे फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड और शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी. एक किलोमीटर के अन्तर्गत संचालित 10 से कम छात्र संख्या वाले 452 प्राथमिक विद्यालयों और तीन किलोमीटर के अन्तर्गत संचालित 148 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलीनीकरण का निर्णय लिया गया है.

उड़ान योजना के अन्तर्गत प्रदेश के दूरस्थ स्थान हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे. उड़ान योजना के अंतर्गत पिथौरागढ़, गौचर, चिन्यालीसौड़, धारचूला, रामनगर, नैनीताल एवं अल्मोड़ा के लिए सस्ती दरों पर हवाई सेवाओं की शुरूआत की जा रही है. उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने वाला देश का चौथा राज्य है. स्वच्छता अभियान को प्रोत्साहन देने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम तीन शहरी निकायों को पुरस्कृत किया जाएगा.

किफायती आवास एवं निम्न आय वर्ग के मकानों के निर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘उत्तराखण्ड आवास नीति’ लागू की गई है. प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु कृषि भूमि को गैर कृषि आवासीय उपयोग हेतु छूट दी जाएगी. प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत 2022 तक 1.25 लाख किफायती आवास का लक्ष्य रखा गया है. राज्य की सभी राशन की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है. “उज्ज्वला” योजना से वंचित ऐसे परिवारों को जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख से कम हो, 4 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए जाएंगे.

 

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