देहरादून। भाजपा की विधान मंडल दल की बैठक में ऐसा क्या हुआ की पार्टी में मुख्यमंत्री के दावेदार माने जाने वाले सतपाल महाराज बैठक में सबसे अंतिम पंक्ति में बैठे नज़र आये। हालांकि सतपाल महाराज भाजपा कार्यालय में पहले पहंुचे वाले जनप्रतिनिधियों में शामिल थे।
राजधानी में चल रही बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक तो खत्म हो गयी लेकिन जैसे ही विधानमंडल दल की बैठक शुरू हुई तो बैठक का नजारा कुछ बदला-बदला सा था। सबसे पहले बैठक में पहुंचे कुछ लोग बैठक में ऐसी जगह पर बैठे दिखाई दिए जिसके बाद ये चर्चा होना स्वाभाविक है। क्या बीजेपी में कुछ चल रहा है? ये सवाल तब उठे जब बीजेपी की विधानमंडल दल की बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सबसे पीछे बैठे दिखाई पड़े। सतपाल महाराज बैठक में आये तो थे सबसे पहले लेकिन जैसे ही कोर ग्रुप की बैठक खत्म हुई और तमाम संगठन के लोग मंच पर बैठे तो पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भीड़ में से उठकर आगे से ठीक पीछे चले गए। कुछ विधायकों ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें आगे लाने की कोशिश भी की लेकिन इन सबको नजरअंदाज करते हुए सतपाल महाराज ने अंतिम पंक्ति में अपनी जगह बनाना ही उचित समझा। सतपाल महाराज के इस एक्शन के बाद ये सवाल उठना लाजमी ही है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, संगठन मंत्री शिव प्रकाश के मंच पर बैठने के तुरंत बाद सतपाल महाराज अपनी जगह से उठ खड़े हुए। इस बात पर वैसे तो कोई बात करने के लिए राजी नहीं है लेकिन तस्वीरें सतपाल महाराज और सरकार के बीच दूरियां साफ-साफ बयां कर रही हैं।


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