ऋषिकेश। पतित पावनी गंगा को लेकर डा. सुयश बिलज्वाण रचित एक गाने को ऋषिकेश में लोगो को समर्पित किया गया। एक पत्रकार वार्ता के दौरान डाॅ. सुयश बिजल्वाण ने कहा कि जहां एक तरफ पूरे देश में गंगा स्वच्छता को लेकर सरकारी व गैर सरकारी अभियान चल रहे हैं। वहीं उस प्रदेश का युवा गायक तथा कलाकार होने के नाते उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी गंगोत्री के गोमुख से गंगा अविरल धारा का उदगम भागीरथी के रूप में होता है तथा जिस गंगा के नाम पर पूरे प्रदेश का पालन पोषण होता है। गीम में गंगा के पौराणिक महत्तव को दर्शाने को लेकर मां गंगा के महत्तव तथा किस प्रकार गंगा सबके दुख को हर लेती है यह दिखा गया है। केसे एक मनुष्य मां गंगा की तरफ उम्मीद भरी नज़रों से कहता है कि तेरे किनारे है बसा घर मेरा जीवन देता दुख हर लेता जल तेरा, ये जल तेरा ओ मांगा।
किस प्रकार आम आदमी, गंगा जल को स्पर्श करते हुए कहा है ‘ हर हर गेग’
किस प्रकार गंगा शिवजी के पास से इस धरती पर अवतरित हुई। यह सब इस गीत में दर्शाया तथा बताया गया है। सामान्य तथा आसान शब्दों में ताकि जनमानस इस गीत से खुद को जोड़ सके।
गंगा की स्वच्छता तथा संरक्षण को लेकर इस गीत के माध्यम से जनता को जागरूक करने तथा इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी का सहयोग मांगा। 

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