देहरादून। यूं तो सूबे में भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशियों को लेकर संगठन में खासा घमासान मचा हुआ है। टिकटों को लेकर कोई संगठन के साथ चिपका हुआ है तो कुछ मंत्रियों को ही अपना माई बाप समझकर अपना टिकट पक्का मान बैठे हैं। हालांकि अभी तक भाजपा संगठन की तरफ से किसी को भी टिकट दिए जाने की पूरी तरह से हरी झंडी नहीं दी गई है। रुद्रपुर के मेयर प्रत्याशी का चुनाव भी इससे अछूता नहीं है। यहां टिकट मांगने वालों की लंबी फेहरिस्त है। टिकट के दावेदारों में सत्ता व संगठन में भी दूरी होने की चर्चाएं हैं।
बता दें कि सूबे की कुल मेयर की आठ सीटे हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर व रुड़की।  जिसमें सभी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी के रूप में कई कई दावेदार देखे जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस में अभी मेयर प्रत्याशी बनने को लेकर खास उछल कूद नहीं है, लेकिन भाजपा में प्रत्याशियों के दावेदारों की संख्या में खासा इजाफा है। जाहिर है कि भाजपा में टिकट वितरण के बाद उतना ही विरोध और असंतोष होगा। भाजपा सूत्रों के आधार को तवज्जो दी जाए तो अभी तक जिन प्रत्याशियों के सूबे में मेयर के संभावित प्रत्याशियों के नामों की चर्चा है उनमें देहरादून से उनियाल गामा, हरिद्वार से मनोज गर्ग,  हल्द्वानी से डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला, रुद्रपुर से शिव अरोरा, काशीपुर से ऊषा चौधरी व कोटद्वार से शैलेंद्र ङ्क्षसह बिष्ट के नाम हवा में तैर रहे हैं। यह दीगर बात है कि लगभग सभी स्थानों पर दावेदारों की सूची काफी लंबी है। हालांकि इन नामों पर भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी यों से बात की जा रही है तो वे लोग कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। संगठन जिसको टिकट देगा, वही पार्टी का प्रत्याशी होगा। हालांकि रुड़की और ऋषिकेश से भाजपा के प्रत्याशियों को लेकर खासी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। यहां भी कई दावेदार अपने को शत प्रतिशत टिकट का असल हकदार बता रहा हैं। सरकार को अभी नगर निगमों का आरक्षण क्रम भी तय करना है। 
रुद्रपुर मेयर की सीट पहली बार में आरक्षित की गई थी। जिससे अनुसूचित जाति की मेयर सोनी कोली ने शहर में भाजपा का परचम फहराया था। मेयर सोनी कोली के पति सुरेश कोली का कहना है कि इस बार भी उन्हें सिटिंग गेटिंग के तहत चुनाव लडने का मौका मिलेगा और वे फिर से भारी बहुमत से भाजपा का परचम फहराएंगे। हालांकि राजनीतिक गलियारों से मिल रही खबरों पर विश्वास करें तो इस बार रुद्रपुर की सीट सामान्य अनारक्षित हो रही है। जिसके चलते यहां अनेक दावेदार हो गए हैं। यहां तो कई को मेयर पद का प्रत्याशी कहकर लॉलीपाप थमाने का काम किया गया है। जिसके चलते ऐसे कथित प्रत्याशी पद के दावेदारों ने पूरे शहर में जगह जगह पोस्टर और बैनर लगाकर दावेदारी पुख्ता करने में जुटे हैं। सियासी गलियारों में भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा का नाम भी हवा में तैर रहा है। चर्चाओं में चल रहे भाजपा से संभावित प्रत्याशियों की संख्या अकेले रुद्रपुर से करीब दर्जन भर है। यहां प्रत्याशियों के दावेदार एक दूसरे की टांग खिंचाई में जुट गए हैं।

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