ऋषिकेश। जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का 718 जयंती महोत्सव के उपलक्ष पर शहर में निकलेगी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सोमवार को प्रातः 9 बजे श्री राम आनंद घाट निकट स्वामी रामानंद मायाकुंड से निकलकर मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर निर्माण आश्रम सुभाष चैक मुखर्जी मार्ग हरिद्वार मार्ग तिलक मार्ग हीरा लाल मार्ग आंबेडकर चैक रेलवे रोड हरिद्वार रोड भट्ट मंदिर चैक से होते हुए रावण आश्रम मायाकुंड में समापन हुआ। विरक्त वैष्णव मंडल समिति ऋषिकेश पदाधिकारियों ने बताया कि जगतगुरु रामानंदाचार्य महाराज भक्ति भागीरथी का सूची शीतल संदेश उत्तर भारत की भाषाओं में लाने वाले पहले प्रमुख आचार्य हुए प्रयाग में इनके विद्वानों के अनुसार संवत 1356 तदनुसार जन्म 1300 ई. सदी में सुशीला के घर में जन्मे स्वामी रामानंद जिन्होंने जाती पाती का भेद भाव भुला कर उत्तर भारत की जन भाषाओं में भक्ति चेतना फैलाई। हिंदी में उपदेश दिए आरती लिखे राम सेवक हनुमान की लीला, पुरुषोत्तम किसकी परब्रम्ह मानने वाले आचार्य से थोड़ा हटकर इन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को जन जन के घर में बसने वाला आराध्य परम पुरुष बना दिया। उनकी पूजा के प्रकार सिखाएं निर्गुण संत कबीर को भी इन्होंने आशीर्वाद दिया। रैदास को भी सगुण भक्ति के अनुयायियों को भी इस मंत्र की दीक्षा देकर राम भक्ति की सत्ता में स्नान कराया। स्वामी डॉ. नारायण दास महाराज ने बताया कि शोभायात्रा के समापन पर मायाकुंड स्थित रामानंद आश्रम में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
शोभायात्रा में रामकृपाल दास महाराज, डाॅ. रामेश्वार दास महाराज, दयारामदास महाराज, ईश्वर दास महाराज, वृन्दावन दास, डा. नारायण दास, सुरेश दास, रवि शास्त्री, मदन मोहन शर्मा, जयेन्द्र रमोला, विनोद शर्मा, इन्द्र कुमार, दीप शर्मा व सीमा शार्मा शामिल रहे।





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