रिस्पना नदी के पुनर्जीवीfकरण के लिए पूरे क्षेत्र को 15 सेक्टरों में बांटा गया है. इसके लिए तत्काल और दीर्घकालीन कार्ययोजना बनाई गई हैं. विशेष सफाई अभियान की शुरूआत रविवार से की जाएगी.

इस कार्ययोजना के बारे में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को सचिवालय में विचार-विमर्श किया. वन विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम, एम.डी.डी.ए., नगर निगम और ईको टास्क फोर्स के प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्ययोजना पर प्रकाश डाला गया.

बताया गया कि शिखर फॉल से लेकर मकडैत, मकडैत से लेकर राजपुर हैड, राजपुर हैड से शहंशाई आश्रम, काठ बंगला से लेकर तपोभूमि, नारी निकेतन से लेकर एसटीपी दौडवाला, दौडवाला से लेकर संगम (जहां पर रिस्पना नदी सुसवा नदी में मिलती है) तक की कार्ययोजना विस्तार से बताई गई.

सिंचाई विभाग दो बैराज के अलावा कई जलाशयों का निर्माण करेगा. जल निगम जो नाले रिस्पना नदी में गिर रहे हैं उन्हें ट्रंक सीवर में डालेगा. इसके अलावा 180 बड़े नालों को भी सीवर लाईन से भी जोड़ेंगे. तत्काल कार्ययोजना के अन्तर्गत रिस्पना नदी के आसपास बने हुए घरों से कूड़े का डोर टू डोर कलेक्शन करेंगे. नगर निगम विशेष सफाई अभियान चलायेगा. एमडीडीए रिवर फ्रन्ट डेवलपमेंट का कार्य करेगा.
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई आनन्द वर्धन, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी, वीसी एमडीडीए आशीष श्रीवास्तव, नगर आयुक्त विजय जोगदंडे, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, ईको टास्क फोर्स से कर्नल एच.आर.एस. राणा, लेफ्टिनेंट कर्नल योगेन्द्र सहित अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित थे.

 

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