उत्तराखंड के सीमान्त क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबन्धन, पिछड़ा क्षेत्र विकास मंत्री यशपाल आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए युवाओं को स्वरोजगार हेतु जैविक कृषि, मौन पालन, फ्लोरीकल्चर, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर ट्रेनिंग हेतु वित्त विकास निगम से ऋण मुहैया कराया जाए, जिससे पहाड़ के युवाओं को रोज़गार मुहैया कराया जा सके.
आर्य ने विधानसभा सभाकक्ष में उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम की बैठक में इस कार्य के लिए प्रचार-प्रसार के लिए विशेष बल देते हुए कहा कि जनता दर्शन, तहसील दिवस एवं बीडीसी बैठक में योजनाओं की जानकारी दी जाए और ऋण मेले का आयोजन किया जाए. ऋण वितरण में पारदर्शिता निश्चित की जाए.
मंत्री ने कहा कि गुपचुप तरीके से ऋण न बांटा जाए. ऋण मेला, बहुउद्देशीय शिविर में ऋण का वितरण किया जाए. ऋण मेले का आयोजन प्रत्येक जनपद में किया जाएगा. ऋण वितरण में ऐसे व्यवसाय को चुना जाए जिसकी बाजार में मांग हो.
मंत्री ने इसकी सूची 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा कि पिछले तीन वर्षों में किन लाभार्थियों को किस मद में कितना ऋण वितरण किया गया है. अभी तक कुल 125 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है. इनमें से मात्र 26 करोड़ रुपये की वसूली की गई है. इस पर नाराजगी प्रकट करते हुए मंत्री ने लाभार्थी चयन प्रक्रिया की जांच करने का निर्देश सचिव को दिया.
उन्होंने कहा यदि ऋण वसूली नहीं बढ़ाई जाती है तो सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी. बैठक में प्रबन्ध निदेशक वी षणमुगम सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद थे.


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