देहरादून। उत्तराखण्ड के सबसे बड़े आधुनिक एयरपोर्ट जोलीग्रांट में सेना के लड़ाकू विमान सुखाई व मालवाहक विमान एम 17 की गतिविधियां बढ़ने लोग सकते में हैं। क्योंकि लगभग चार दिन से एयरफोर्स के विमान लगातार जोलीग्रांट से उड़ान भर रहे हैं। लोग इसे चीन सीमा पर हलचल से जुड़ा हुआ मान रहे हंै। साथ ही यह भी कहना है कि यह लड़ाकु विमान चीन सीमा तक ही उड़ान भर रहे हैं। हलांकि एयरपोर्ट अर्थोटी इसे रूटीन रिहर्सल बता रही है।  
जौलीग्रांट एयरपोर्ट अब वायु सेना के रिहर्सल के लिए जहां आसान हो गया है तो वहीं पिछले चार दिनों से एयर फोर्स के लडाकू विमानों की आवाजाही से क्षेत्रा में कोतूहल बना हुआ हैं। हर कोई हवाई अड्डे पर आकर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान सुखोई को उतरते और उड़ान भरते देखने को आतूर है। 
उत्तराखंड राज्य का सबसे बड़ा और आधुनिक सुविधाआंे से लेस जौलीग्रांट हवाई अड्डा अब वायु सेना के अनुकूल हो गया हैं। पिछले चार दिनों से वायु सेना के फाइटर विमान लैंडिंग करने में जहां सफल रहे है तो वहीं वायु सेना का भारी भरकम सी 17 माल वाहक जहाज भी सफलता पूर्वक जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतर चुका है। जिससे अब वायु सेना उत्साहित है। वायु सेना ने चीन सीमा तक अपनी पहुंच आसान और सरल बना ली हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि वायु सेना की ये रूटिन एक्सरसाईज हैं। क्योकि सीमा के निकट जौलीग्रांट एयरपोर्ट है और यहां से चीन सीमा तक पहुंचने में वायु सेना के जहाजों केा मात्रा 20 मिनट का समय लगेगा जो हमारी सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि हैं। 

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