हाल में ही आई नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में लिंगानुपात में कमी दर्ज की गई है. उत्तराखंड में केंद्र और राज्य सरकार मिल कर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाम से कई अभियान चला रहे हैं. इसके बावजूद भी सूबे में जन्म के समय लिंगानुपात में 27 अंकों की कमी दर्ज की गई है. महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य कहती है कि उत्तराखंड को लेकर नीति आयोग ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है. उसका अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद उसपर काम किया जाएगा.
फिलहाल जिन 5 जिलों में विभाग ने फोकस किया था. वहां पर हालात बेहतर हैं, फिर भी जो उत्तराखण्ड के सभी जिलों को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है. उसका अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद उस पर काम किया जाएगा.
मंत्री रेखा आर्या का कहना है कि नीति आयोग ने जो रिपोर्ट पेश की है वो साल 2011 के आधार पर की है. नीति आयोग की रिपोर्ट पूरे उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में की है. उत्तराखंड सरकार कम लिंगानुपात वाले जिलों में फोकस करते हुए काम कर रही है. पिथौरागढ़ में पहले स्थिति काफी चिंताजनक थी वहीं पिथौरागढ़ से अब हजार बालकों पर 934 बालिकाओं के रिकॉर्ड आने शुरू हो गए हैं.
रेखा आर्या का कहना है कि पिथौरागढ़ की तरह ही चंपावत में भी लिंगानुपात में सुधार हुआ. उन्होंने कहा कि वे नीति आयोग की रिपोर्ट पर काम करेंगी और देखेंगी कि लिंगानुपात में कमी क्यों आ रही है. उन्होंने कहा कि कई बार जन्म के समय बच्चियों की मौत हो जाती है, इस ओर भी सरकार ध्यान दे रही है.


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