रुड़की में मेयर यशपाल राणा और पार्षद चंद्र प्रकाश बाटा के बीच हुई मारपीट के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और पुलिस ने कांग्रेस के दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं.

पार्षद को पीटकर गंभीर रूप से घायल करने के आरोप में मेयर यशपाल राणा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. रुड़की के उपकारागार ले जाते समय यशपाल राणा ने विधायक प्रदीप बत्रा को सबक सिखाने की धमकी भी दी थी. उधर उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह मंगलवार को रुड़की पहुंचे और कलियर विधायक फुरकान अहमद के आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की.

इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसियों ने एसपी देहात कार्यालय का कूच किया और मेयर पर लगी संगीन धाराओं को हटाने की मांग की. कांग्रेसियों के दबाव में पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया और मेयर पर लगी धारा 307 को वापस ले लिया.

उधर मेयर का बेटा भी पार्षद पक्ष पर मुकदमा दर्ज करने भी तैयारी कर रही है.

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार कांग्रेस के लोगों का उत्पीड़न कर रही है और पुलिस प्रशासन भी सरकार के दबाव में काम कर रही. जब मेयर पर धारा 307 लगाने का कोई औचित्य नहीं था तो पुलिस ने इस तरह का काम क्यों किया जोकि पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान हैं.

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