ऋषिकेश,29मार्च (आज का आदित्य ) । लगातार हिमालय में घर के सदस्यों के कारण आज गंगा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है जिसे बचाया जाना अत्यंत आवश्यक है  इसी को लेकर ओम विश्व शांति सद्भावना ट्रस्ट समिति द्वारा त्रिवेणी घाट पर  शुक्रवार से श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जायेगी ।  यह जानकारी  बृहस्पतिवार को प्रैस क्बल मे आयोजित पत्रकारो से बातचीत के दौरान देते हुए कथा ब्यास दुर्गेश महाराज ने देते हुए बताया कि आज भी लगातार पहाड़ों मे गलेशियरों के पिंघलने के कारण गंगा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, इसे लेकर पूरा विश्व चिंतित है जिन्हें बचाये जाने के लिए विभिन्न स्तरों पर शोध भी किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि आज ग्लेशियरों के पिघलने का कारण बिगड़ता पर्यावरण भी है जिसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है और यह तभी संभव हो पाएगा जब सामाजिक चेतना होगी ।उन्होंने कहा कि गंगा तभी बच सकती है जब पूरा मानव समाज गंगा को अपनी जीवनदायिनी मां के रूप में  मानकर उसे सुरक्षित  बचाने के लिए प्रयास करेगा ।उन्होंने कहा कि  पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सभी को वृक्ष लगाए जाने अत्यंत आवश्यक है उन्होंने पर्यावरण को लेकर बड़े-बड़े पुरस्कार प्राप्त करने वालों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि वह भारत से बाहर जाकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन अपने देश में और कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे उन्होंने उत्तराखंड में कोई मठ मंदिरों के कर्ताधर्ताओं पर भी सवालिया निशान उठाते हुए कहा है कि उनका भी इस क्षेत्र में कोई विशेष योगदान नहीं मिल पा रहा है जिस कारण जनसहभागिता भी नहीं हो रही है जबकि मठ मंदिर के संचालक इस दिशा में बहुत बड़ा कार्य कर सकते हैं उन्होंने कहा कि मठ मंदिरों के संचालकों को इधर उधर की बात ना कर समाज को जागरुक किए जाने के लिए कारगर कदम उठाने होंगे जिससे पर्यावरण भी बचेगा और मठ मंदिर के साथ भारतीय संस्कृति  बच जाएगी पत्रकार वार्ता मे राम सिंह नेगी भर कुमारी कोरिया रुसवा सोया स्वरुप सिंहा समय को याद रमेश पैन्यूली बाबू राम  अग्रवाल वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष हरिश धींगडा भी उपस्थित थे ।

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