हरिद्वार। हरिद्वार की ज्वालापुर तहसील में गुरुवार को विजिलेंस टीम ने छापा मारा। इस दौरान पटवारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोप है कि पटवारी पंकज चैधरी ने स्थानीय व्यक्ति से काम कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। पूर्व में पैसे दिए जाने के बावजूद काम नहीं किया था और दोबारा पैसों की मांग कर रहा था। विजिलेंस टीम ने तहसील पहुंचकर आरोपी पटवारी को ट्रैप किया। पटवारी से विजिलेंस टीम पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व में भी आरोपी पटवारी के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं। सलेमपुर द्वितीय हल्के का पंकज पटवारी है। पटवारी की गिरफ्तारी से तहसील में दिनभर हड़कप की स्थिति रही। शिकायतकर्ता हरिद्वार निवासी द्वारा दिनांक 20.03.2018को एक शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून को इस आशय का दिया कि उसकी पत्नी के नाम एक प्लाट खसरा नं0 494 रकबा, 153.33 फिट स्थित शिवालिक गंगा विहार ग्राम सलेमपुर, महदूद परगना रूड़की तहसील ज्वालापुर हरिद्वार श्रीमती निवेदिता वर्मा से दि0 25.01.2017 को रूपये11,51,250/- स्टाम्प शुल्क सहित क्रय किया गया, जिसकी रजिस्ट्री रजिस्ट्रार द्वितीय हरिद्वार के यहाॅ पंजीकृत करायी गयी थी। शिकायतकर्ता द्वारा उक्त प्लाट का दाखिल खारिज अपनी पत्नी के नाम कराने हेतु समस्त कागजात माह दिसम्बर 2017 में तहसीलदार हरिद्वार के यहाॅ जमा करा दिये थे, जिसके सम्बन्ध में दि0 12.01.2018 को नायब तहसीलदार हरिद्वार के यहाॅ दाखिल खारिज की सुनवाई होनी थी, जब शिकायतकर्ता नायब तहसीलदार से दाखिल खारिज के सम्बन्ध में मिला तो उन्होनंे कहा कि तुम लेखपाल पंकज कुमार चौधरी से मिल लेना। शिकायतकर्ता जब पंकज कुमार चैधरी से मिला तब उसने कहा कि दाखिल खारिज का )½% से 2% लेते है। शिकायतकर्ता ने दाखिल खारिज के सम्बन्ध में पंकज कुमार चौधरी लेखपाल से कई बार फोन पर बात की किन्तु लेखपाल दाखिल खारिज कराने को राजी नहीं हुआ। शिकायतकर्ता पुनः दिनांक 19.03.2018को तहसील में जाकर लेखपाल से मिला और दाखिल खारिज कराने के सम्बन्ध में बातचीत की तो, लेखपाल पंकज कुमार चैधरी ने कहा कि मैंने तुम्हारा दाखिल खारिज करा दिया है और तुम 11,000/- देकर अपनी रजिस्ट्री ले जाना, शिकायतकर्ता द्वारा काफी विनती करने पर कि मैं गरीब आदमी हूॅ 11 हजार रूपये नहीं दे सकता काफी खुशामद करने पर लेखपाल दस हजार रूपये लेकर रजिस्ट्री देने को राजी हो गया। लेखपाल ने कहा कि तुम दिनांक 21.03.2018 को 10,000/- रूपये लेकर मेरे कार्यालय में आ जाना लेकिन तद्दिनांक को सरकारी कार्य मेें व्यस्त होने के कारण लेखपाल पंकज कुमार चौधरी अपने आॅफिस में नहीं मिला और दिनांक 22.03.2018 को पुनः कार्यालय में बुलाया। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि एैसे भ्रष्ट लेखपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तारी करवाना चाहता था।
*आरोपी पंकज कुमार चौधरी पुत्र श्री चमनलाल, निवासी-ए-46 शारदा नगर, ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार हाल-लेखपाल, तहसील ज्वालापुर हरिद्वार को सतर्कता सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा तहसील ज्वालापुर हरिद्वार* से समय करीब10:45 बजे सरकारी स्वतन्त्र गवाहान के समक्ष शिकायतकर्ता से10,000/- उत्कोच ग्रहण करते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर धारा-7/13(1)डी सपठित धारा-13(2)भ्र0नि0अधि0 1988 के अन्तर्गत अपराध पंजीकृत कराकर विवेचना की जायेगी।


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