ऋषिकेश। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए अधर में लटकी योजना के परवान चढ़ने की आस जगी है। कृषि उत्पादन मंडी समिति ने आढ़त और गल्ला मंडी के लिए शहर से बाहर उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्रशासन को दिया है। प्रशासन के मुताबिक जल्द राजस्व और वनभूमि को चिह्नित कर सर्वे की कार्रवाई की जाएगी। कृषि उत्पादन मंडी समिति ने गल्ला और आढ़त मंडी को एक ही छत के नीचे लाने के लिए करीब एक दशक पहले योजना बनाई थी। इसके लिए गुमानीवाला में 30 हैक्टेयर वनभूमि चिह्नित कर प्रस्ताव वन विभाग को भेजा था, लेकिन प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय की ओर से चिह्नित भूमि को हाथी बाहुल्य बताकर प्रस्ताव रद्द कर दिया था। लिहाजा योजना अधर में लटक गई। शहर के बीच आढ़त और गल्ला मंडी संचालित होने के कारण हरिद्वार रोड, देहरादून रोड, लक्ष्मणझूला रोड, संयुक्त यात्रा-चंद्रभागा लिंक रोड, पुष्कर मंदिर रोड पर वाहनों में लोडिंग अनलोडिंग के चलते जाम की समस्या बनी रहती है। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कत होती है।शहर को जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए कृषि उत्पादन मंडी समिति ने फिर से योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है। समिति सभापति रामविलास रावत ने बताया कि आढ़त और गल्ला मंडी के लिए वीरभद्र, हरिद्वार बाईपास मार्ग और देहरादून रोड में से कहीं एक जगह 70 हेक्टेयर भूमि की मांग प्रशासन से की है। बताया कि तीनों स्थान पर योजना के लिए उपयुक्त भूमि है।सब्जी, फल मंडी होगी शिफ्टहरिद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति की फल, सब्जी आढ़त मंडी को भी प्रस्तावित गल्ला और आढ़त मंडी में शिफ्ट करने योजना है। समिति सचिव नंदनी उनियाल ने बताया कि फल और सब्जी मंडी के गल्ला और आढ़त मंडी परिसर में शिफ्ट होने से हरिद्वार मार्ग पर लगने वाले जाम से छुटकारा तो मिलेगा ही आसपास के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। इनकी सुनिएकृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से आढ़त और गल्ला मंडी के लिए शहर से बाहर उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मिला है। समिति ने जिन स्थानों का जिक्र किया है, वह राजस्व और वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। चिह्नित भूमि के सर्वे के लिए जल्द संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। सर्वे के बाद रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेंगे।हरगिरी, उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश

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