ऋषिकेश। मार्च के अंत में 4 दिन की लगातार छुट्टी होने के कारण तीर्थ नगरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने लगीं हैं। लेकिन राम व लक्ष्मण झूला पर आवारा पशु पर्यटकों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। इन आवारा पशु ने 3 दर्जन से अधिक पर्यटकों को घायल कर दिया है। लेकिन नगर पालिका मौन है।
ऋषिकेश वीकेंड के साथ सरकारी छुट्टी होने के चलते जहां पर्यटक बड़ी संख्या में ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। राम झूला पुल पर जो आवारा पशुओं के चलते पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। जिसकी शिकायत नगर पालिका को किए जाने के बावजूद भी पालिका द्वारा इंसानों को रोकने की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जबकि लक्ष्मण झूला व राम झूला पुल पर दोनों ओर लक्ष्मण झूला थाने की पुलिस यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात है लेकिन उसके बावजूद भी पुलों पर सांडों के होने के कारण यात्रियों पर आए दिन हमला कर रहे हैं । जिससे अभी तक 3 दर्जन से अधिक यात्री सांडों की लड़ाई के चलते घायल हो चुके हैं लेकिन नगर पालिका व ग्राम सभा ने आवारा पशुओं को पकड़े जाने की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की है। नगर पालिका मुनि की रेती के अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल तथा नगर पंचायत अध्यक्ष शकुंतला राजपूत से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह समस्या उनके सामने भी आए दिन आ रही है लेकिन जब ग्राम सभा के नहीं होने के कारण अभी तक स्वर्ग आश्रम क्षेत्र में किसी भी स्थान पर आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कांजी हाउस की व्यवस्था नहीं बन पा रही है जिसके लिए वह प्रयासरत है। मुनि की रेती नगर पालिका के अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल का कहना है कि उन्होंने शासन स्तर पर आवारा पशुओं को पकड़े जाने के लिए पत्र व्यवहार किया है जिसकी कार्यवाही अभी भी शासन में लंबित है।

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