तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के दोनों मंत्रियों अशोक गजपति राजू और वायएस चौधरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. पीएम मोदी ने दोनों मंत्रियों से मुलाकात कर उनसे कहा कि वह आंध्रप्रदेश के साथ हैं.
इस्तीफा देने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायएस चौधरी ने यह जानकारी दी. चौधरी ने कहा, "पीएम ने कहा कि भले ही देर हो गई लेकिन हम साथ मिलकर आंध्र के लिए काम करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि वह आंध्रप्रदेश के साथ हैं."
उन्होंने कहा कि चूंकि अब वे मंत्री परिषद का हिस्सा नहीं हैं तो अब आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए संसद में अपनी बाद अधिक मुखरता के साथ रख पाएंगे. चौधरी ने कहा, पूरा मामला दोनों पार्टियों के बीच का है. हमें इस्तीफा देना है, ये पार्टी का फैसला था. इस पर हम कुछ नहीं कह सकते."
वाईएस चौधरी ने कहा, "हमारे इस्तीफे के बाद भी हालांकि, टीडीपी एनडीए का हिस्सा बना रहेगा." उन्होंने कहा, "हमारी मांगों को अब तक तवज्जो नहीं दी गई. अब काफी लंबा वक्त निकल चुका है. दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा देने से पहले चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की थी. उनके कहने पर ही दोनों ने पीएम मोदी को इस्तीफा सौंप दिया.
2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन बना रहे, इसके लिए पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू से बात की. लेकिन, दोनों की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला. इस मीटिंग के बाद टीडीपी सांसद अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी ने पीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया.
अब आगे क्या करेंगे? इस सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन एक्ट और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के वादे पूरे हों." चौधरी ने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि इसे लेकर पीएम से उम्मीद करना सही है. आंध्रप्रदेश के लोगों की उम्मीदों को चंद्रबाबू नायडू पूरा करेंगे. ऐसी परिस्थिति में अगर हम प्रदेश के लोगों का सहयोग नहीं करेंगे, उनकी बात नहीं सुनेंगे और उसके लिए काम नहीं करेंगे तो कोई मतलब नहीं होगा. ऐसे में हमारे नेता ने सरकार से बाहर निकलने का सही फैसला किया है."


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