ऋषिकेश, 7 अप्रैल। परमार्थ निकेतन में 20 दिवसीय दन्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। दांतों की सफाई में बरती लापर वाही वरतने से मुहँ के कैंसर जैसे बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही चेहरे की सुंदरता दांत से होती है। दांतों का संबंध हमारे स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों से होता है। दांत अगर साफ और चमकदार होते हैं, तो वो हमारी पर्सनौलिटी पर चार चांद लगा देते हैं। दांतों की नियमित सफाई से कई बीमारियों से बचाजा सकता है,
लेकिन सच्चाई ये है कि आमतौर पर दांतों से जुड़ी बीमारियों को नजर अंदाज किया जाता है जो बड़ी बीमारियों को निमंत्रण दे देती हैं।
यह दल प्रातः 8 बजे से सांय 4 बजे तक दिन में 100 से अधिक रोगियों का इलाज जिसमें दाँतों की सफाई एवं अन्य चिकित्सा शामिल है। ईसाई वर्गास, सर्जन कहना है कि हर किसी को सेवा करने के अपने ग्रह की रक्षा के लिये छोटे-छोटे प्रयास करने चाहियें। उन्होने कहा कि पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में रहकर 21 दिनों तक ऋषिकेश के आस-पास के क्षेत्रों में सेवा करना एक बेहतर अनुभव रहा। हम अप प्रति वर्ष इस तरह के कार्यक्रम कि योजना बना रहेे है।
चिकित्सा शिविर में दाँतों की निः शुुल्क जाँच, दाँतों एवं मसूड़ों की सफाई, दाँत निकालना, दाँत भरवाना, दाँतों की झनझनाहट एवं दातांें के अनेक समस्याओं का निः शुल्क इलाज और मुफ्त दवाईयों का वितरण भी किया जा रहा है। दन्त चिकित्सा शिविर में आये स्पेन के दन्त चिकित्सकों ने कहा कि पूज्य स्वामीजी के मार्ग दर्शन से ही सेवा के संकल्प ने जन्म लिया और आज उनके पावन मार्ग दर्शन में यह शिविर सम्पन्न हो रहा है। हमारी पूरी टीम इस दिव्य क्षेत्र में आकर अत्यंत उत्साहित है साथ ही परमार्थ की दिव्य गंगा आरती, ऋषिकेश व पूरा उत्तराखण्ड़ बहुत भाया। अगले छः महीने में उत्तराखण्ड़ के दूर दराज के क्षेत्रों में दन्त चिकित्सा शिविर आयोजित करने की हम पुनः योजना बना रहे है।पूज्य स्वामी जी ने हेल्थ डे, हेप्पी डे हेप्पी फाॅर नेचर का नारा दिया।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि अगर दांतों के निगरानी करना अत्यन्त आवश्यक है। तंबाकू, शराब, सिगरेट के सेवन से गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता हैं। इससे कैंसर, सांस संबंधी रोग आदि होने का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। तंबाकू के सेवन से हर साल 60 लाख लोगों की मौत होती है और तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इस लिये दाँतों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दन्त चिकित्सा शिविर में डाॅ ऐनासूरी व डाॅ क्रिश्चन वारगस आदि ने परमार्थ निकेतन के सराहनीय योग दान की कोटि कोटि प्रशंसा की।
चिकित्सा शिविरों में अभी तक 2100 अधिक रोगियों की जाँच हुई व लाभ उठाया।

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