देहरादून। चन्द्रबनी चोयला देहराूदन स्थित भूमि खसरा सं0 2234 पर मंदिर में कमरे के निर्माण को लेकर 30 हजार की रिश्वत ले रहे लेखपाल को विजलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एक शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को इस आशय का दिया कि वह अपने पैत्रक भूमि स्थित चन्द्रबनी चोयला देहराूदन स्थित भूमि खसरा सं. 2234 पर उसके द्वारा कई वर्षो पूर्व एक मन्दिर का निर्माण कराया गया था। उक्त मन्दिर परिसर में पुजारी के रहने हेतु एक कमरे का निर्माण कराया जा रहा है। करीब दो सप्ताह पूर्व हल्का लेखपाल विशम्बर प्रसाद जोशी मन्दिर में आये और कहने लगे कि निर्माण कार्य किसकी इजाजत से करा रहे हो, शिकायतकर्ता ने बताया कि पुजारी के लिये कमरा बना रहा हूॅं।इस पर लेखपाल ने कहा कि काम बन्द कर दो नही ंतो तुम्हारी शिकायत थाने में करते हुये तुम्हे बन्द करा दूंगा, और अपने उच्चाधिकारियों को तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट भेज दूंगा, इसके बाद लेखपाल जोशी ने 28 मार्च को थाने की पुलिस को काम रोकने हेतु मन्दिर स्थल पर बुलाया मौक पर शिकायतकर्ता का भाई पुलिस को मिला और उन्हें सारी बाते बतायी तो पुलिस पूरी बात समझकर चली गयी। शिकायतकर्ता की 28 मार्च को लेखपाल से फोन पर बात हुई तो उसने कहा कि तुम दुर्गा स्वीट शाॅप तेलपुर चैक, देहरादून पर आकर मिलों। शिकायतकर्ता स्वीट शाॅप पर जाकर लेखपाल से मिला और कहा कि वह मन्दिर परिसर की भूमि पर पुजारी के लिये कमरा बना रहा है। जिसकी उसके पास वैध रजिस्ट्री व वन विभाग की एनओसी भी है। इस पर लेखपाल भड़क गये और बोले कि बिना खर्चा पानी के निर्माण नहीं होने दूंगा। शिकायतकर्ता ने झंझट से बचने के लिये कहा कि मुझे क्या करना है तो लेखपाल जोशी ने 1,00,000 रूपये की मांग की। शिकायतकर्ता के काफी सुनने पर लेखपाल 75,000 रू0 लेकर निर्माण कार्य न रोकने को तैयार हुआ और प्रथम किस्त के रूप में 30,000 रुपये लेकर बुधवार को तहसील देहरादून में आने को कहा। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि एैसे भ्रष्ट लेखपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तारी करवाना चाहता था।
पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ता केे शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच से आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन हेतु ट्रैप टीम का गठन किया गया।
बुधवार को आरोपी विशम्बर प्रसाद जोशी पुत्र स्व0 बुद्विबल्लभ जोशी, निवासी-151 नत्थनपुर, अपर निकट छः नम्बर पुलिया थाना नेहरू कालोनी देहरादून, हाल लेखपाल आर्केडिया ग्रांट, तहसील देहरादून को* सतर्कता सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय के मेन गेट के बाहर सड़क किनारे समय करीब 14.25 बजे सरकारी स्वतन्त्र गवाहान के समक्ष शिकायतकर्ता से 30,000/- उत्कोच ग्रहण करते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर धारा-7/13(1)डी सपठित धारा-13(2)भ्र0नि0अधि0 1988 के अन्तर्गत अपराध पंजीकृत कराकर विवेचना की जायेगी।
निदेशक, सतर्कता महोदय, द्वारा ट्रैप टीम को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु 10,000/- नकद पारितोषिक देने की घोषणा की।
एक शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को इस आशय का दिया कि वह अपने पैत्रक भूमि स्थित चन्द्रबनी चोयला देहराूदन स्थित भूमि खसरा सं. 2234 पर उसके द्वारा कई वर्षो पूर्व एक मन्दिर का निर्माण कराया गया था। उक्त मन्दिर परिसर में पुजारी के रहने हेतु एक कमरे का निर्माण कराया जा रहा है। करीब दो सप्ताह पूर्व हल्का लेखपाल विशम्बर प्रसाद जोशी मन्दिर में आये और कहने लगे कि निर्माण कार्य किसकी इजाजत से करा रहे हो, शिकायतकर्ता ने बताया कि पुजारी के लिये कमरा बना रहा हूॅं।इस पर लेखपाल ने कहा कि काम बन्द कर दो नही ंतो तुम्हारी शिकायत थाने में करते हुये तुम्हे बन्द करा दूंगा, और अपने उच्चाधिकारियों को तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट भेज दूंगा, इसके बाद लेखपाल जोशी ने 28 मार्च को थाने की पुलिस को काम रोकने हेतु मन्दिर स्थल पर बुलाया मौक पर शिकायतकर्ता का भाई पुलिस को मिला और उन्हें सारी बाते बतायी तो पुलिस पूरी बात समझकर चली गयी। शिकायतकर्ता की 28 मार्च को लेखपाल से फोन पर बात हुई तो उसने कहा कि तुम दुर्गा स्वीट शाॅप तेलपुर चैक, देहरादून पर आकर मिलों। शिकायतकर्ता स्वीट शाॅप पर जाकर लेखपाल से मिला और कहा कि वह मन्दिर परिसर की भूमि पर पुजारी के लिये कमरा बना रहा है। जिसकी उसके पास वैध रजिस्ट्री व वन विभाग की एनओसी भी है। इस पर लेखपाल भड़क गये और बोले कि बिना खर्चा पानी के निर्माण नहीं होने दूंगा। शिकायतकर्ता ने झंझट से बचने के लिये कहा कि मुझे क्या करना है तो लेखपाल जोशी ने 1,00,000 रूपये की मांग की। शिकायतकर्ता के काफी सुनने पर लेखपाल 75,000 रू0 लेकर निर्माण कार्य न रोकने को तैयार हुआ और प्रथम किस्त के रूप में 30,000 रुपये लेकर बुधवार को तहसील देहरादून में आने को कहा। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि एैसे भ्रष्ट लेखपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तारी करवाना चाहता था।
पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ता केे शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच से आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन हेतु ट्रैप टीम का गठन किया गया।
बुधवार को आरोपी विशम्बर प्रसाद जोशी पुत्र स्व0 बुद्विबल्लभ जोशी, निवासी-151 नत्थनपुर, अपर निकट छः नम्बर पुलिया थाना नेहरू कालोनी देहरादून, हाल लेखपाल आर्केडिया ग्रांट, तहसील देहरादून को* सतर्कता सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय के मेन गेट के बाहर सड़क किनारे समय करीब 14.25 बजे सरकारी स्वतन्त्र गवाहान के समक्ष शिकायतकर्ता से 30,000/- उत्कोच ग्रहण करते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर धारा-7/13(1)डी सपठित धारा-13(2)भ्र0नि0अधि0 1988 के अन्तर्गत अपराध पंजीकृत कराकर विवेचना की जायेगी।
निदेशक, सतर्कता महोदय, द्वारा ट्रैप टीम को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु 10,000/- नकद पारितोषिक देने की घोषणा की।


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