देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सात उत्तरी राज्य के पुलिस महानिदेशकों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की कांन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस आधुनिक युग में तकनीक के माध्यम से दूरियां आज कम हो गयी है इसलिये ऐसे परिपेक्ष्य में आपसी समन्वय एवं संवाद की जरुरत दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है हमे अपने पुलिस बल को तकनीकी रुप से सृदढ बनाने की आवश्यकता है। राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से काॅन्फ्रेन्स प्रारम्भ करना बहुत ही महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय है। क्योकि पुलिस का जनता से सीधा संवाद होता है इस प्रकार के काॅन्फ्रेन्स से बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
सात उत्तरी राज्य के पुलिस महानिदेशकों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की पुलिस आॅफिसर्स मैंस, किशनपुर देहरादून में (चतुर्थ उत्तरी क्षेत्रीय समन्वय समिति) की काॅन्फ्रेन्स का शुभारम्भ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुये कहा कि बैठक में पाँच राज्य ऐसे है कि जिनकी अन्तराष्ट्रीय सीमा है, जिससे यह काॅन्फ्रेन्स और अधिक महत्तवपूर्ण हो गई है। आज के इस आधुनिक युग में तकनीक के माध्यम से दूरियां आज कम हो गयी है इसलिये ऐसे परिपेक्ष्य में आपसी समन्वय एवं संवाद की जरुरत दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है हमे अपने पुलिस बल को तकनीकी रुप से सृदढ बनाने की आवश्यकता है। राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से काॅन्फ्रेन्स प्रारम्भ करना बहुत ही महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय है। क्योकि पुलिस का जनता से सीधा संवाद होता है इस प्रकार के काॅन्फ्रेन्स से बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा की आवश्यकताः डीजीपी
देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अनिल के. रतूड़ी ने कहा कि समय बहुत तेजी से बदल रहा है। आज के युग में संचार में तेजी आयी है जिससे बाहरी एवं आन्तरिक सुरक्षा के खतरे साथ हो गये हैं जो राज्यो के समक्ष चुनौती है। अपने सीमित संसाधनों से देश विरोधी तत्वों एवं अपराधियों के विरूद्ध राज्य की पुलिस को तुरन्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है। यह काॅन्फ्रेन्स अपने विचारों को अदान-प्रदान करने का एक अच्छा मंच है जिसमें नितिगत निर्णय लेकर अपराध नियंत्रण एवं शान्ति-व्यवस्था बनाने में हम कार्य करेंगे जिसका जनता को इसका पफायदा मिलेगा।
डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि विभिन्न अन्तराजीय अपराधियों एवं सक्रिय गैगों के सदस्यों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुत्तफ किये जायेंगे। ये नोडल अधिकारी व्हाटसएप्प ग्रुप बनाकर निरन्तर सम्पर्क में रहे तथा सूचनाओं का अदान प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमावर्ती जनपदों के राज्यों के पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों की मासिक बैठक तथा पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों का त्रैमासिक बैठक आयोजन किया जायेगा, साथ ही विभिन्न प्रदेशों की एसटीएपफ के अधिकारियों की त्रैमासिक बैठक करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे बड़े अन्तर्राज्यीय गैंग के सदस्यों पर शिकंजा कसा जा सके। बैठक में अज्ञात शवों की शिनाख्त हेतु आधार डाटा बेस बनाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में मादक पदार्थों की बरामदगी में संयुत्तफ पूछताछ के लिए विभिन्न ऐजन्सियों को सम्मिलित किया जाये तथा पूछताछ में प्रकाश में आये महत्तवपूर्ण तथ्यों को सभी के साथ साझा किये जाने का निर्णय लिया गया तथा अन्तर्राज्यीय ड्रग्स तस्करी मार्गों पर भी सतर्क निगरानी रखी जाये।
काॅन्फ्रेन्स में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार, विशेष पुलिस महानिदेशक बीएसएफ एसएस देशवाल, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन उत्तर प्रदेश प्रशान्त कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक हरियाणा आलोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा उत्तराखण्ड वी. विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन उत्तरखण्ड राम सिंह मीणा, सहित पंजाब, दिल्ली, चण्डीगढ़, एनएसजी, सीबीआई, सीआईएसएपफ, सीआरपीएपफ, एसएसबी, आईटीबीपी, एनसीआरबी, एनआईए, आसूचना ब्यूरो, नारकोटिक ब्यूरो के महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
सात उत्तरी राज्य के पुलिस महानिदेशकों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की पुलिस आॅफिसर्स मैंस, किशनपुर देहरादून में (चतुर्थ उत्तरी क्षेत्रीय समन्वय समिति) की काॅन्फ्रेन्स का शुभारम्भ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुये कहा कि बैठक में पाँच राज्य ऐसे है कि जिनकी अन्तराष्ट्रीय सीमा है, जिससे यह काॅन्फ्रेन्स और अधिक महत्तवपूर्ण हो गई है। आज के इस आधुनिक युग में तकनीक के माध्यम से दूरियां आज कम हो गयी है इसलिये ऐसे परिपेक्ष्य में आपसी समन्वय एवं संवाद की जरुरत दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है हमे अपने पुलिस बल को तकनीकी रुप से सृदढ बनाने की आवश्यकता है। राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से काॅन्फ्रेन्स प्रारम्भ करना बहुत ही महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय है। क्योकि पुलिस का जनता से सीधा संवाद होता है इस प्रकार के काॅन्फ्रेन्स से बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा की आवश्यकताः डीजीपी
देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अनिल के. रतूड़ी ने कहा कि समय बहुत तेजी से बदल रहा है। आज के युग में संचार में तेजी आयी है जिससे बाहरी एवं आन्तरिक सुरक्षा के खतरे साथ हो गये हैं जो राज्यो के समक्ष चुनौती है। अपने सीमित संसाधनों से देश विरोधी तत्वों एवं अपराधियों के विरूद्ध राज्य की पुलिस को तुरन्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है। यह काॅन्फ्रेन्स अपने विचारों को अदान-प्रदान करने का एक अच्छा मंच है जिसमें नितिगत निर्णय लेकर अपराध नियंत्रण एवं शान्ति-व्यवस्था बनाने में हम कार्य करेंगे जिसका जनता को इसका पफायदा मिलेगा।
डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि विभिन्न अन्तराजीय अपराधियों एवं सक्रिय गैगों के सदस्यों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुत्तफ किये जायेंगे। ये नोडल अधिकारी व्हाटसएप्प ग्रुप बनाकर निरन्तर सम्पर्क में रहे तथा सूचनाओं का अदान प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमावर्ती जनपदों के राज्यों के पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों की मासिक बैठक तथा पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों का त्रैमासिक बैठक आयोजन किया जायेगा, साथ ही विभिन्न प्रदेशों की एसटीएपफ के अधिकारियों की त्रैमासिक बैठक करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे बड़े अन्तर्राज्यीय गैंग के सदस्यों पर शिकंजा कसा जा सके। बैठक में अज्ञात शवों की शिनाख्त हेतु आधार डाटा बेस बनाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में मादक पदार्थों की बरामदगी में संयुत्तफ पूछताछ के लिए विभिन्न ऐजन्सियों को सम्मिलित किया जाये तथा पूछताछ में प्रकाश में आये महत्तवपूर्ण तथ्यों को सभी के साथ साझा किये जाने का निर्णय लिया गया तथा अन्तर्राज्यीय ड्रग्स तस्करी मार्गों पर भी सतर्क निगरानी रखी जाये।
काॅन्फ्रेन्स में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार, विशेष पुलिस महानिदेशक बीएसएफ एसएस देशवाल, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन उत्तर प्रदेश प्रशान्त कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक हरियाणा आलोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा उत्तराखण्ड वी. विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन उत्तरखण्ड राम सिंह मीणा, सहित पंजाब, दिल्ली, चण्डीगढ़, एनएसजी, सीबीआई, सीआईएसएपफ, सीआरपीएपफ, एसएसबी, आईटीबीपी, एनसीआरबी, एनआईए, आसूचना ब्यूरो, नारकोटिक ब्यूरो के महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

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