कोटद्वार। कण्वाश्रम के विकास के लिए प्रदेष सरकार जो भी प्रस्ताव बनाकर भेजेगी उस पर केंद्र सरकार सहर्ष मोहर लगा देगी यह बात गुरूकुल महाविद्यालय कण्वाश्रम स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह चितनंद जी महाराज ने कण्वाश्रम में चल रहे गुरूकुल महाविद्यालय कण्वाश्रम स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मानव संसाधन विकास मंत्री सतपाल सिंह कहा कि देष के नामदेवा राजा भरत और उनकी जन्म स्थली कण्वाश्रम का आज तक उपेक्षित रहना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके विकास के लिए जो भी संभव होगा वो हर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कण्वाश्रम के विकास के लिए प्रदेष सरकार जो भी प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजगी उस पर सहर्ष ही मोहर लगा दी जाएगी। प्रदेष के वन एवं प्र्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि कण्वाश्रम का विकास प्रदेष सरकार की प्राथमिकताओं में से हैं और कण्वाश्रम को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने का भरपूर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने गुरूकुल महाविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुरूकुल षिक्षा पद्धति हमारे ऋषि मुनियों के अमूल्य देन है और इस परंपरा को बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुष्ती प्राचीन खेल है, लेकिन इसको बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है प्रदेष सरकार कुष्ती को बढ़ावा देगी। महाविद्यालय के संस्थापक योगीराज डा. विष्वपाल जयंत आधुनिक भीम ने सभी आंगतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार जताते हुए कहा कि गुरूकुल महाविद्यालय जहां भाग्य निर्माता कहे जाने वाले नौनिहालों को षिक्षा दे रहा है, वहीं उनको हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए योग की षिक्षा प्रदान कर मजबूत भारत तैयार कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने अतिथियों का ध्यान महाविद्यालय की समस्याओं से भी अवगत कराया। जिस पर वन मंत्री ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की विधायक निधि से धनराषि उपलब्ध कराने का आष्वासन दिया गया। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष रष्मि राणा, तपोवन ऋषिकेष के महंत चिंतानंद जी महाराज, योगेष पहलवान, राजपाल, रणवीर सिंह, विनोद रावत, रेणुका गुसांई, गुमान थापा आदि मौजूद रहे।

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