-संविधान में संशोधन कर ने के विरुद्ध दलित समाज के लोगो ने तहसील में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
ऋषिकेश, 02 अप्रैैल। अनुसूचित जाति जनजाति संघर्ष समिति के आह्वान पर आहूत भारत बंद के दौरान ऋषिकेश में मिलाजुला असर रहा। वहीं अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को पूर्व की भांति पुनः लागू कराने की मांग की ।  अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र बिरला ,फूल सिंह चौधरी ,नंदकिशोर जाटव , के नेतृत्व में नगर में  जुलूस निकालने के बाद तहसील में प्रदर्शन के दौरान दिए गए उप जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो बाबा साहब अंबेडकर के संविधान में अनुसूचित जाति जनजाति के लिए उनके अधिकारों को लेकर कानून बनाया गया था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय के माध्यम से उसमें परिवर्तन कर दलित समाज के लोगों के अधिकारों से उन्हें वंचित किए जाने का षड्यंत्र किया जा रहा है जिससे देश के तमाम दलित समाज के लोगों ने सिविल रोष व्याप्त है उन्होंने कहा कि यदि  उच्चतम न्यायालय ने शीघ्र अपने निर्णय को वापस ना लिया तो समस्त दलित समाज के लोग इसके बाद विशाल आंदोलन करेंगे प्रदर्शन करने वालों में अरुण बाल्मीकि , सेवाराम, रविंद्र बिल्ला ,राकेश पारचा ,फूल सिंह चौधरी मुकेश चौधरी, पूर्व सभासद सुलेखा बाल्मीकि ,संजय बाल्मीकि, नंदकिशोर जाटव,रणवीर सिंह, राजू कालरा, विशाल खेरवाल, सनी चौहान, राधे जाटव सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे ।

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