देहरादून।  प्रदेश के संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री प्रकाश पन्त ने  विधानसभा सभाकक्ष में नमामि गंगे से सम्बन्धित परियोजना की समीक्षा की। राज्य से सम्बन्धित नमामि गंगे परियोजना के 65 कार्य सीवरेज, नालाटेपिंग से सम्बन्धित 1134 करोड़ रूपये के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्य मंे तेजी लाने का निर्देश दिया। वर्तमान 61 कार्यों के लिए 970 करोड़ रूपये प्रगति पर सन्तोष व्यक्त किया। 4 कार्य प्रारम्भ होने शेष हैं। उन्होंने कहा प्रत्येक माह सचिव एवं त्रे-मासिक समीक्षा मंत्री के रूप में स्वयं करेंगे। उन्होंने कहा नमामि गंगे से सम्बन्धित कार्य से पूरे देश में उत्तराखण्ड की एक अलग पहचान बनेगी। 
इससे सम्बन्धित घाट, शवदाह, कार्य सिंचाई एवं वेबकाॅस के माध्यम से चल रहा है। बैठक में गंगा के किनारे व्यापक वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षरण पर भी बल दिया गया। बैठक में हरिद्वार एवं ऋषिकेश में कार्य के लिए नेटवर्क बढ़ाने के पर बल दिया गया। मंत्री ने कहा कि देहरादून में रेस्पना और बिन्दाल नदी को भी नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत शामिल करने का प्रयास किया जायेगा। 
उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा जनपद में जिलाधिकारी के साथ बैठक कर कार्य में समन्वय लायें। नमामि गंगे से सम्बन्धित पेयजल, जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आॅनलाईन माॅनिटरिंग सिस्टम को विकसित किया जाय।  जनपदों में डी0एम0 के साथ बैठक कर जन जागरूकता अभियान चलाया जाय। गंगा में ट्रीटमेंट के बाद ही पानी गिराया जाय।  मंत्री ने कहा पत्राचार से कार्य करने के एप्रोच को छोड़कर धरातल पर कार्य करके कार्य करें। 
इस अवसर पर केन्द्र सरकार के कार्यकारी निदेशक नमामि गंगे हितेश कुमार, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर नमामि गंगे राघव लांगर, विभागीय इंजीनियर्स एवं ठेकेदार भी मौजूद थे। 

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