ऋषिकेश। गंगा से महज 50 मीटर की दूरी पर लक्ष्मण झूला स्थित स्वामी हरिचरण दास की बहुमंजिला इमारत का निर्माण एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर दिन रात चल रहा है लेकिन हरिद्वार रुड़की विकास  प्राधिकरण आंख बंद किये हुए बैठा है। अगर आम आदमी एक दीवार भी बना ले तो पूरी टीम उसके खिलाफ खड़ी हो जाती है यहाँ बहु मंजिला इमारत खड़ी हो गयी और कोई इस और फाटका तक नहीं।
एनजीटी ने गंगा से 200 मीटर की दूरी तक निर्माण पर रोक लगा रखी है।एनजीटी ने इसके लिए उत्तराखंड सरकार को साफ आदेश दिये है कि गंगा के पास निर्माण नही होना चाहिए। इसी निर्माण के चलते पूर्वर्ती सरकार ने सतपाल महाराज का आश्रम सीज कर दिया था। लेकिन ऋषिकेश में गंगा तट से महज 50 मीटर की दूरी से ऊंची पहुचं वाले बाबा का निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। हरिद्वार रुड़की विकास प्रधिकरण में ऋषिकेश में तैनात जेई बालकराम को सूचित करने के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन वह फोन नहीं उठाते हैं या अपना फोन स्विच ऑफ कर देते हैं। ऋषिक के लक्षणमण झूला क्षेत्र में कई ऐसी बहुमंजिला इमारत आधे अधूरे नक़्शे पास या सीज भवनों की सील तोड़कर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
ऐसा नहीं है कि उच्च अधिकारियों को मालूम नहीं है। एन एच् 58 पर तपोवन क्षेत्र में भी कई बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कार्य जारी है। जो कि एन एच 58 से महज 20 मीटर की दूरी पर है।हरिद्वार रुड़की विकास प्रधिकरण में ऋषिकेश में तैनात जेई बालकराम का फोन उठाना तो दूर गलत तरिके से बन रही इमारतों की शिकायतों पर भी मौके पर नही जाते। निर्माण कार्यों पर रोक के बाद भी निर्माण होना कही न कहीं विभाग की कार्य शैली पर सवाल खड़े करता है। 

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