उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने बीते शुक्रवार को आबकारी नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है. प्रदेश में अब ग्रुप में मदिरा दुकान के प्रावधान को बदल कर सिंगल शॉप की पुरानी व्यवस्था लागू होगी. 20 कमरों के होटल वाले बार के लिए लाइसेंस फ़ीस 5 लाख की जगह 3 लाख कर दी गयी है.

एक साल की जगह तीन साल का लाइसेंस लिया जा सकेगा

लाइसेंस अब एक साल की जगह तीन साल के लिए लिया जा सकेगा. डिपार्टमेंटल स्टोर के लिए विदेशी मदिरा के लाइसेंस शुल्क को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है. पक्के भोजन वाले बार नवीनीकरण के लिए भी संशोधन किया गया है.

आयुर्वेद विवि को दिए फैसला लेने का अधिकार


आयुष विभाग के तहत गुरुकुल और ऋषिकुल के लिए एमडी और एमएस पाठ्यक्रम के मामले में कैबिनेट ने विश्वविद्यालय को फैसले का अधिकार दे दिया गया है. दरअसल वर्ष 2016-17 के दौरान प्रवेश के लिए विज्ञापन में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम की बात नहीं लिखी थी लेकिन बाद में छात्रों को स्ववित्तपोषित होने का नोटिस दिया गया. छात्रों की समस्या को लेकर कैबिनेट ने आयुर्वेद विवि को फैसले का अधिकार दे दिया है.

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