देहरादून। शराब की दुकानों के आवंटन व आबकारी में कई मामलों को लेकर सरकार कु किरकिरी कराने वाले तीन जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वाले अधिकारियों में देहरादून, हरिदार व चंपावत जिले के आबकारी अधिकारी शामिल है। इनके स्थान पर अभी किसी की तैनाती के आदेश नही, सूत्रों के मुताबिक फिलहाल नई तैनाती नही होगी। एक माह के लिये दिये जाने वाले ठेके कम राजस्व पर देने के आरोप में आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने निलबंन के आदेश जारी किये है। इन तीनो जिलो में adm को जिला आबकारी अधिकारी का चार्ज मिलेगा। उत्तराखण्ड में 2018-19 की आबकारी नीति लागू हो गयी है जिसमें अगले शराब की दुकानों का आबंटन ई-टेंडरिंग से होना तय माना जा रहा है। इस सरकार ने अपने ही पूर्व ईमानदार मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खण्डूरी की नीति जिसमें लाटरी के माध्यम से दुकानों का आबंटन उसे खत्म कर दिया है। अब इस सरकार इस नयी नीति को लाकर बड़े माफिया तंत्र को निमंत्रण दे रही है, जिसके चलते उत्तराखंड के छोटे व्यवसायी जो इस काम से जुड़े थे, उनको खत्म करने का ये सरकार प्रयास कर रही है। जिससे स्थानीय व्यवसायी व इनसे जुड़े लोग आज आहत हैं।सरकार तर्क दे रही है कि नाम से दुकान जिले के आदमी की खुलेगी बिल्कुल खुलेगी, पर वो उस बड़े माफिया तंत्र का महज़ नाम होगा। आज ये डबल इंजन की सरकार पूरी तरह शराब के राजस्व पर निर्भर हो गयी है। आज ये सरकार अपने राजस्व के लिए इस प्रदेश के छोटे व्यवसाइयों का गला रेतने को तैयार है। जिसके चलते गंभीर हालत होने वाले हैं। जीरो टोलरेंस की इस सरकार पर बड़े माफियाओं से सांठ गांठ की बात भी चर्चाओं में है। हो सकता है बड़े माफिया तंत्र से मिली हो। भाजपा आजीवन सहयोग निधि की बड़ी क़िस्त का अहसान ये सरकार चुका रही हो।
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शराब की दुकानों के आवंटन को लेकर सरकार की किरकिरी कराने वाले 3 जिला आबकारी अधिकारियों पर गिरी निलबंन की गाज

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