देहरादून। सूबे में नोट बंदी का दौर फिर लौटने लगा है। इस बार तो हालत नोट बंदी से भी गंभीर हो गई है। नोट बंदी में दौरान तो बैकों से कैश 2 हजार तक निकालने की अनुमति थी लेकिन अब को कई बैंक केवल 500 रुपये ही नगद दे पा रहे हैं। शादियों का सीजन होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे ज्यादा पैसा बैक शादी का कार्ड़ देखकर दे रहे हैं जबकि एटीएम कैश लैश हो चुके हैं।
चम्पावत जिले के ज्यादातर बैंकों के एटीएम या तो बन्द हैं या उनमें नकदी ही नहीं है। जिले में कैश क्राइसिस इक कदर बढ़ गया है कि बैंक भी अब शादी का कार्ड देखकर खाताधारकों को भुगतान कर रहे हैं। बैंक द्वारा शादी का कार्ड देख कर किए जा रहे भुगतान ने खाताधारकों को नोटबन्दी के दौर की याद दिला दी है।
रविवार की छुट्टी के बाद आज जब बैंक खुले तो बैंकों के अंदर और बाहर एटीएमों पर उपभाक्ताओं की लंबी लाइन दिखी। कैश लैस पड़े एटीएम ने तो लोगों को मायूस किया ही साथ ही बैंक के अंदर लाइन लगाने के बाद मन मुताबिक भुगतान भी उन्हें नहीं मिला। बैंकों के प्रति खासकर उन उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली जिनके घर या रिश्तेदारी में शादी है। रमेश राम 35 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय पहुंचे थे क्योंकि उन्हें आस-पास कहीं भी एटीएम से पैसा नहीं मिल पाया था। ऐसा ही मामला टर्नर रोड स्थित एसबीआई बैक में भी आया। सऊदी से घर लौटे एक युवक अपना घर का काम करने के लिए पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचा। वह पैसे निकालने के लिए लगभग 2.30 घंटे तक लाइन में लगा रहा और जब नंबर आया तो कैशियर ने 5 सौं रुपये थमा दिये। उसने मजबूरी बताई तो बैंक मैनेजर से शादी का कार्ड मांगा।
रमेशा राम ने कहा कि वह 10000 रुपये निकालना चाहते हैं लेकेन बैंक सिर्फ दो हजार रुपये ही दे रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी की शादी है और इसके लिए वह पैसा लेने आए हैं लेकिन बैंक पैसे देने से इनकार कर रहा है। वह 10000 रुपये निकालना चाहते हैं लेकेन बैंक सिर्फ दो हजार रुपये ही दे रहा है। वह कहते हैं उनके पास तो कन्यादान देने तक के पैसे नहीं हैं, बैंकवालों ने उन्हें शर्मिंदा कर दिया है। हालांकि बैंक कर्मी कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते दिखे लेकिन शादी का कार्ड दिखाकर एक लाख तक का भुगतान करने और दूसरे खाताधारकों को तय सीमा तक धनराशि देने की बात कर रहे हैं।


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