ऋषिकेश। तीर्थनगरी में एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हांलाकि आत्महत्या के कारणों का पुलिस पता नहीं लगा पायी है। जबकि परिजनों का कहना है कि छात्र कई दिनों से डिप्रेशन में चल रहा था। 
ऋषिकेश थाना प्रभारी प्रवीन कोशियारी ने बताया चंद्रभागा स्थित गली नंबर 4 में अमित बिष्ट पुत्र भरत बिष्ट ने मंगलवार की दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे के हुक में फंदा डालकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर आत्महत्या करने की जानकारी सबसे पहले दादी को उस समय लगी जब वह अपने पोते को देखने छत पर बने कमरे मे गई। कमरे का नजारा देख उनके पैरों के तले जमीन खिसक गई। रोते हुए उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को मौके पर बुलाया। बचने की संभावनाओं को तलाशते हुए पड़ोसियों ने युवक को नीचे उतारा। मगर कोशिश बेकार गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से जानकारी के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घाट चैकी इंचार्ज आर एस राणा ने बताया कि युवक बीए कक्षा का छात्र है। और उसके परिजनों ने उसे मानसिक डिप्रेशन में होना बताया है। बताया कि उसके पिता एक टैक्सी ड्राइवर हैं और घर पर उसकी दादी अकेले ही रहती है। वह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई फौज में है। जबकि दूसरा यमकेश्वर क्षेत्र के किमसार गांव में अपनी माता के साथ रहता है। मृतक की दादी ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले ही उसने उन्हें कुछ लाने के लिए नीचे कमरे में भेजा था। इस दौरान ही उनके पोते ने गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। कमरे में एक डीजल ड्रम रखा था। जिसके ऊपर चढ़कर उस ने फांसी का फंदा गले में डाला कूदकर खुद की जीवन लीला समाप्त कर ली।

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