राज्य सरकार के सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के फ़ैसले को राज्य के कई निजी स्कूल गंभीरता से ले ही नहीं रहे हैं. राजधानी देहरादून में एक पब्लिक स्कूल एनसीआरटी की किताबें लागू नहीं कर रहा है. जब अभिभावकों ने इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बात करनी चाही तो उन्होंने अभिभावकों को बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराने की सलाह दे डाली.
देहरादून के डिफेंस कॉलोनी सेक्टर 4 के एक पब्लिक स्कूल ने अभिभावकों के लिए दरवाज़े बंद कर दिए. दरअसल एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने और फीस कम करने को लेकर पिछले 3 दिन से अभिभावक प्रिंसिपल से मिलना चाह रहे थे. लेकिन उन्हें मिलने ही नहीं दिया जा रहा.
सोमवार को बारिश के बावजूद अभिभावक प्रिंसिपल से मिलने की कोशिश में स्कूल का गेट पीटते रहे. लेकिन गेट नहीं खुला. यहां मौजूद एक महिला ने कहा कि स्कूल खुल गया है. बच्चे स्कूल आ रहे हैं. लेकिन कोई किताब नहीं मंगाई जा रही है. बच्चे सिर्फ़ टिफ़िन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं.
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल ने फ़ीस बहुत बढ़ा दी है. फीस को लेकर स्कूल प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नहीं है. एक अभिभावक रमेश कुमार का कहना था कि जब इस स्कूल को ट्रस्ट चलाता है तो उसे इतनी फ़ीस बढ़ाने की क्या ज़रूरत है?
गेट पर मौजूद एक महिला ने बताया कि तीन दिन पहले वह प्रिंसिपल से मिलने में कामयाब रही थीं. एनसीईआरटी की किताबों और बेतहाशा फ़ीस वृद्धि पर जब सवाल पूछा गया तो उन्हें सरकारी स्कूल में बच्चे का एडमिशन करवाने को कह दिया.


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