रमजान से पहले मदरसा आया गुरूकुल
 विचारों के साथ संस्कृति और संस्कारों का हुआ आदन-प्रदान
मदरसा और गुरूकुल के छात्रों ने साथ-साथ पढ़ी वेद की ऋचायें और कुरान की आयत
मदरसा आये मठ में और मठ जाये मदरसा में यही तो है एकता के संस्कार
रमजान शुरू होने से पहले रम जाये एकदूसरे की मोहब्बत में और करें एक नये भारत का निर्माण-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 15 मई। रमजान से पहले देहरादून मदरसा से आये छात्रों के दल ने परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों के साथ अपनी संस्कृति, संस्कार और पूजा पद्धति का आदान प्रदान किया। मदरसा से आये छात्रों का दल मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी जी, मौलाना मुफ़्ती रईस अहमद कासमी, सदर जमियत उलेमा ये हिन्द (मदरसा अध्यक्ष) देहरादून, मौलाना मोहम्बद जाहिद नाजीन, मदरसा उपाध्यक्ष एवं अन्य इस्लामिक विद्वान के संरक्षण में परमार्थ निकेतन आया।
मदरसा के छात्रों और मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी जी, मौलाना मुफ़्ती रईस अहमद कासमी, सदर जमियत उलेमा ये हिन्द (मदरसा अध्यक्ष) देहरादून व अन्य इस्लामिक विद्वानों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टर फेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द जी महाराज से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। साथ ही मदरसों में वक्षारोपण, रिस्पना को निर्मल और अविरल बनाने, मदरसों में स्वच्छता का प्रशिक्षण देने तथा अंतर धार्मिक संगठनों के संस्कारों का आदान-प्रदान करने आदि विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
यह एक ऐतिहासिक अवसर था जब मदरसा के छात्रों ने परमार्थ निकेतन आश्रम के गुरूकुल मंे आकर कुरान की आयत पढ़ी तथा परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद की ऋचाओं का गायन किया यह क्षण राष्ट्रीय एकता, समरसता, सद्भाव और समभाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था। इस अवसर पर ऋषिकुमारोें और मदरसे के छात्रों ने मिलकर देश भक्ति गीत गायें। सभी ने मिलकर देश में अमन बना रहे, चमन तथा शान्ति और सद्भाव की स्थापना के लिये ईश्वर से प्रार्थना की तथा ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चलें और बदी से टलंे तथा इतनी शक्ति हमें देना दाता आदि सुन्दर भजनों का आदान-प्रदान हुआ।
मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी जी नेे कहा कि ’’हम सब देशवासी भाई-भाई है और हम सब मिलकर भाईचारे, मोहब्बत, शान्ति का संदेश पूरे विश्व में प्रसारित करेंगे। आज परमार्थ निकेतन से इस ऐतिहासिक क्षण की शुरूआत करते है। उन्होने कहा कि हम इस एकत्व के माध्यम से ऐसा वातावरण निर्मित करेंगे जिससे पूरे विश्व में शान्ति की, अमन की वर्षा होगी।’’
इस पावन अवसर पर स्वामी जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा उपस्थित मौलाना और इस्मामिक विद्वानों को भेंट तथा वहां उपस्थित सभी को एकता और भाईचारे के साथ रहने का संकल्प कराया।
इस पावन अवसर पर जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी, अनेक इस्लामिक विद्वान और परमार्थ गुरूकुल के आचार्य उपस्थित थे।

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