ऋषिकेश। स्पेक्स संस्था और नव दिव्यांग सेवा संस्थान देहरादून के संयुक्त तत्वाधान के अंतर्गत दुधली पँचायत के कैमरी गाँव मे महिलाओं को एलईडी बल्ब बनाने की ट्रेनिंग दी गयी।
महिलाओं ने एलईडी बल्ब असेम्बल्ड करना सीखा और फ्यूज बल्ब को सुधारना भी सीखा।
स्पेक्स संस्था के सचिव बृज मोहन शर्मा ने बताया कि हमारा बनाया बल्ब अगर ख़राब होता है दो वो दोबारा ठीक हो सकता है महिलाओं को फ़्यूज बल्ब को सुधारना भी सिखाया गया है।
नव दिव्यांग सेवा संस्थान के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि बल्ब की 7 वॉट के बल्ब की लागत लगभग 50 रुपये आरही है और बाजार में ब्रेनडेड कम्पनियों के बल्ब 100 रुपये से अधिक कीमत पर बिक रहे हैं।
अगर महिलाएं इस बल्ब को 60 से 70 रुपये का भी बेचती है तो महिलाओं की घर बैठे अच्छी आमदनी हो सकती है।
दक्ष महिलाएं 1 बल्ब एक मिनट में तैयार कर सकती है।
नव दिव्यांग सेवा संस्थान के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि संस्था दक्ष महिला के लिए एल ई डी बल्ब बनाने की यूनिट भी लगाने में सहयोग करेगी।
ऐसा करने से महिलाओं को घर बैठे रोजगार प्राप्त हो जाएगा।
हमारा प्रयास है कि जल्द दुधली में एल ई डी बल्ब बनाने की यूनिट स्थापित की जाए ताकि कुछ महिलाओं को रोजगार दिया जा सके।
इस अवसर पर रुकमणी स्वयंम सहायता समूह की अध्यक्ष हेमा डौडियाल,ओर पुष्पा गायत्री,सरस्वती आचार्य आदि महिलाएं उपस्थित रहे।
महिलाओं ने एलईडी बल्ब असेम्बल्ड करना सीखा और फ्यूज बल्ब को सुधारना भी सीखा।
स्पेक्स संस्था के सचिव बृज मोहन शर्मा ने बताया कि हमारा बनाया बल्ब अगर ख़राब होता है दो वो दोबारा ठीक हो सकता है महिलाओं को फ़्यूज बल्ब को सुधारना भी सिखाया गया है।
नव दिव्यांग सेवा संस्थान के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि बल्ब की 7 वॉट के बल्ब की लागत लगभग 50 रुपये आरही है और बाजार में ब्रेनडेड कम्पनियों के बल्ब 100 रुपये से अधिक कीमत पर बिक रहे हैं।
अगर महिलाएं इस बल्ब को 60 से 70 रुपये का भी बेचती है तो महिलाओं की घर बैठे अच्छी आमदनी हो सकती है।
दक्ष महिलाएं 1 बल्ब एक मिनट में तैयार कर सकती है।
नव दिव्यांग सेवा संस्थान के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि संस्था दक्ष महिला के लिए एल ई डी बल्ब बनाने की यूनिट भी लगाने में सहयोग करेगी।
ऐसा करने से महिलाओं को घर बैठे रोजगार प्राप्त हो जाएगा।
हमारा प्रयास है कि जल्द दुधली में एल ई डी बल्ब बनाने की यूनिट स्थापित की जाए ताकि कुछ महिलाओं को रोजगार दिया जा सके।
इस अवसर पर रुकमणी स्वयंम सहायता समूह की अध्यक्ष हेमा डौडियाल,ओर पुष्पा गायत्री,सरस्वती आचार्य आदि महिलाएं उपस्थित रहे।


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