ऋषिकेश,10जून ।  गंगा में गिर रहे नालों को रोकने के लिए चंद्रेश्वर नगर में किए जा रहे आमरण अनशन को समर्थन देते हुए स्वामी  स्वतंत्रता नंद महाराज ने कहा कि गंगा को हम मां का दर्जा देते हैं परंतु गोमुख से लेकर गंगासागर तक जो लोग इस में गंदगी डालकर उसे गंदा कर रहे हैं वह आज सभी के लिए दुखदाई हो चुका है  स्वामी स्वतंत्रता नंद ने यह बात अपने आश्रम शीशम झाड़ी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं उनका कहना था कि गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखने के लिए गंगा किनारे होने वाले दाह संस्कार व अध कच्चे- शबों को बहाना भी बंद किया जाना चाहिए ,तभी गंगा स्वच्छ और निर्मल हो सकती है उन्होंने कहा कि आज गंगा हमारी आस्था से जुड़ी है इसे गंदा करना हिंदू संस्कृति में उचित नहीं है उनका कहना था कि इस गंगा के कारण भारत देश की पहचान बनी है लेकिन जो लोग इसे गंदा कर रहे हैं  स्वामी स्वतंत्रानंद का कहना  था कि केंद्र सरकार जहां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए करोड़ों रुपए बहा रही है वहीं लोगों को भी इसके प्रति जागरुक किए जाने की आवश्यकता है उन्होंने कहा इसके लिए  आंदोलन किए जाएं तथा लोगों को जागरुक किया जाए कि गंगा को गंदा करने से जहां हमारी आस्था पर प्रभाव पड़ रहा है गंगा अपने उद्गम स्थल से गंगासागर तक रहने वाले लोगों को जहां पीने का शुद्ध पानी देती है वहीं उससे खेती पर भी प्रभाव पड़ेगा इसी को देखते हुए गंगा को निर्मल व स्वच्छ बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के योगी विशाल भी उपस्थित थे।

Post A Comment: