देहरादून। दून के नियोजित निर्माण एवं विकास को लेकर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार देहरादून मास्टर प्लान 25 को उत्तराखंड हाइकोर्ट ने निरस्तकर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवम् लोकपाल सिंह की खण्डपीठ द्वारा शुक्रवार दोपहर को सुनाये गए अपने फैसले मे मास्टर प्लान के निर्माण एवं इसे लागू किये जाने के संदर्भ में एमडीडीएद्वारा मानकों एवम वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ,भारत सरकार के नियमों का पालन न होने का दोषी मानते हुए मास्टर प्लान 25 को निरस्त दिया है।राज्य निर्माण के बाद एमडीडीए द्वारा तैयार देहरादून का यह पहला मास्टर प्लान था, जिसे वर्ष2007 में देहरादून में लागू किया गया। लागू किये जाने के बाद से ही मास्टर प्लान खामियों के लिए सवालों के घेरे में आ गया। तब इसे देहरादून वासियों नही बल्कि बिल्डर्सव भूमाफियाओं का मास्टर प्लान कहा जाने लगा था ।अब जब उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून के मास्टर प्लान-2025 को निरस्त कर दिया है तो ऐसी दशा में वर्ष 2007 से लेकर 2018 तक उक्त मास्टर के आधार पर एमडीडीए द्वारा देहरादून में जितने भी नक्शे एवम् निर्माण कार्य पास किये व करवाये गए हैं वे भी सवालों केघेरे में आ सकते हैं।


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